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Dhanteras puja vidhi in hindi : धनतेरस पूजा ऐसे करें नहीं होगी अकाल मृत्यु

के दिन की पूजा की जाती है। ( in hindi ) दिवाली के 2 दिन पहले इस दिन को शुभ मानकर खरीदार क्र के अपने घर की शोभा में चार चाँद लगाए जाते है। लकिन क्या आप जानते है कुबेर भगवान् के अलावा धनतरेस को यम देवता की भी पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार धनतरेस के दिन घर के बाहर दीपक जलाने का अपना एक महत्व है। ( 2017 ) ऐसी पौराणिक मान्यता है अगर इस दिन श्याम को घर के भर दीप जला कर यम को दीप दान किया जाता है तो यम देवता आप को और आपके परिवार को से बचाव करते है।

 

के दिन को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है इस दिन का जन्म हुआ था, इस वजह से त्रयोदशी को धनतेरस के नाम से जाना जाता है। धनवंतरी भगवान समुद्र मंथन के समय अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे।

धनतेरस की कथा

प्राचीन काल में एक राजा थे जिनका नाम हेम हुआ करता था। जिनको ईश्वर कृपा से एक पुत्र हुआ। जब राज ज्योंतिषियों ने राजकुमार की कुंडली तैयार की तो सामने आया की राजा के पुत्र का जिस दिन विवाह होगा उसके ठीक चार दिन बाद राजकुमार यमलोक सिधार जायँगे मतलब उनकी मृत्यु हो जायगी। इस बात को जानकर महाराज बहुत दुखी हुए और राजकुमार को ऐसी जगह भेज दिया जहां किसी स्त्री का सम्पर्क नहीं आये। पर ईश्वर को कुछ और मंजूर था एक दिन एक राजकुमारी उनके सम्पर्क में आयी और वो उसपर मोहित हो गए और राजकुमारी से गन्धर्व विवाह कर लिया।

ने की बात सुनकर कहा अकाल मृत्यु तो कर्म के अनुसार मिलती है। और उन्होंने इससे बचने का आसान तरीका बताया। कार्तिक कृष्ण पक्ष की रात जो मनुष्य यम यानि मेरे नाम से पूजा करके दक्षिण दिशा में दीप दान करेगा से अकाल मृत्यु से डरने की जरूरत नहीं है।

घर किस दिशा में जलाएं दीपक

यमदेवता के लिए मिटटी के दीपक में तेल भरकर यम भगवान् की आराधना करते हुए दीपक जलाएं। फिर इस दीपक को घर के मुख्य द्वार या दरवाजे पर दक्षिण दिशा की तरफ करके रख दे। इस यमराज यानि यम के देवता खुश होंगे और आप के परिवार को अकाल मृत्यु से रक्षा करेंगे।

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