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हाई प्रोफाइल जिंदगी के यह हैं खूनी राज

म्यूजिक बैरन और टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार की हत्या 1997 में कर दी गई थी। वे अंधेरी स्थित मंदिर से पूजा कर बाहर निकल रहे थे जब दो लोगों ने उन्हें तीन गोलियां मारीं। जब वे रेंगते हुए सुरक्षित स्थान तक जाने की कोशिश कर रहे थे, तभी हत्यारों ने उन्हें 15 गोलियां और मार दीं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया कि कुमार को अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का साथी अबु सलेम धमकियां दे रहा था और उनसे 10 करोड़ रूपए की मांग भी कर रहा था। जब कुमार ने पैसे देने से मना कर दिया तो उनकी हत्या कर दी गई। इस हत्या के पीछे मशहूर म्यूजिक कंपोजर जोड़ी नदीम-श्रवण के नदीम का हाथ बताया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक नदीम ने ही दुबई में दाऊद के भाई अनीस इब्राहिम कसकर के साथ मिलकर गुलशन कुमार की हत्या की साजिश रची थी।

स्टार टीवी के पूर्व सीईओ पीटर मुखर्जी की पत्नी इंद्राणी मुखर्जी को हाल ही पुलिस ने उनकी बेटी शीना बोरा के कत्ल के आरोप में गिरफ्तार किया है। शीना की हत्या 24 अप्रेल 2012 को गला घोंटकर कर दी गई थी। शीना के उसके सौतेले भाई राहुल से संबंध थे। मुंबई पुलिस के मुताबिक 24 अप्रेल 2012 को इंद्राणी ने शीना को फोन करके नेशनल कॉलेज बुलाया। वह उस समय पीटर मुखर्जी के बेटे राहुल के साथ लिव-इन में रह रही थी। इंद्राणी ने शीना को कार में बैठने को कहा। कार में इंद्राणी के साथ ड्राइवर और पूर्व पति संजीव खन्ना भी थे। जब शीना ने कार में बैठने से मना किया तो उसे जबरदस्ती कार में बैठाया गया। इसके बाद कार में ही कहा सुनी हुई और फिर तीनों ने शीना का गला दबाकर उसे मार डाला।

शीना का कव कार में रखकर इंद्राणी घर आ गई और कार रात भी उसके गैराज में ही रही। 25 अप्रेल की सुबह तीनों आरोपी शव को रायगढ़ के जंगलों में ले गए जहां पहले पेट्रोल डालकर शव जलाया गया फि र उसे वहीं दफन कर दिया गया। मामले में छानबीन अभी जारी है।

फिल्म “वफा” (2008 में रिलीज हुई) फेम बॉलीवुड अभिनेत्री लैला खान की हत्या उनके सौतेले पिता परवेज टाक ने की थी। खबरों के मुताबिक वर्ष 2012 में टाक ने मुंबई पुलिस के सामने यह स्वीकार भी किया था कि उसने अपनी पत्नी सेलीना की हत्या इगतपुरी फार्महाउस में की थी और इस हत्या की चश्मदीद गवाह लैला और परिवार के ही चार अन्य सदस्यों की भी हत्या की थी। फरवरी 2011 में फार्महाउस पर फैमिली गैट टुगेदर के दौरान परवेज का पत्न सेलीना से किसी बात पर झगड़ा हो गया था और उसने गुस्से में सेलीना के सिर पर लोहे की रॉड से प्रहार कर दिया था, जिसके बाद सेलीना की मौत हो गई थी।

टीवी एग्जीक्यूटिव नीरज ग्रोवर का मर्डर केस 2008 में सुर्खियों में तब छाया जब इस मामले में कन्नड अभिनेत्री मारिया सुसेराज का नाम सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक नीरज मारिया को टीवी सीरियल्स में रोल दिलाने में मदद करने के साथ ही मारिया के फ्लैट में रहने लगा था। उस समय मारिया की सगाई नेवल ऑफिसर एमिली जेरोम मैथ्यू के साथ हो चुकी थी। 6 मई 2008 की रात जब जेरोम ने मारिया को फोन किया तो उसे पीछे किसी पुरूष की आवाज भी सुनाई थी। उसे मारिया पर शक हुआ तो वह कोच्ची नेवल बेस से मुंबई आया और सीधे मारिया के घर पहुंच गया। वहां उसने मारिया की रसोई में से ही चाकू लिया और नीरज का खून कर दिया। इसके बाद जेरोम और मारिया ने नीरज के शव के टुकड़े कर बोरी में भरा और जंगल में ले जा कर जला दिया। इसके करीब 14 दिन बाद मारिया ने खुद ही नीरज के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करवा दी। बाद में जेरोम को 10 साल की सजा और सबूत नष्ट करने के आरोप में मारिया को तीन साल के लिए जेल भेज दिया गया।

मशहूर म्यूजिक कंपोजर जोड़ी जतिन-ललित की बहन संध्या सिंह दिसंबर 2012 को लापता हो गई थी। बाद में संध्या का शव उनके घर से महज 200 मीटर दूरी पर नवी मुंबई में पाया गया था। दिसंबर 2013 में संध्या के बेटे रघुवीर को संध्या की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। रघुवीर को नशे की लत थी और इसके लिए वह घर से ही पैसे चोरी किया करता था। उसका आए दिन इसी बात पर मां से झगड़ा भी होता था। हालांकि बाद में सबूत न मिलने के कारण रघुवीर को रिहा कर दिया गया था।

पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की लाश 17 जनवरी 2014 को होटल के एक कमरे में मिली। उनकी हत्या से एक दिन पहले ही टि्वटर पर सुनंदा का झगड़ा पाकिस्तानी जर्नलिस्ट मेहर तरार से हुआ था। उनके ट्वीट्स से शशि थरूर और तरार के बीच अफेयर होने की संभावना के संकेत मिले थे। सुनंदा की ऑटोप्सी रिपोर्ट में बताया गया था कि नींद की गोलियां ज्यादा खाने के कारण उनकी मृत्यु हुइ ü, लेकिन अक्टूबर में इस केस की जांच कर रही मेडिकल टीम ने यह खुलासा किया कि सुनंदा की गलत ऑटोप्सी रिपोर्ट देने के लिए उन पर दबाव बनाया गया था। पुलिस ने जनवरी 2015 में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ जहर खिला कर सुनंदा की हत्या करने का केस दर्ज किया। इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

आरूषि-हेमराज डबल मर्डर मिस्ट्री ने लंबे समय तक सीबीआई को उलझाए रखा। 16 मई 2008 को नॉएडा की रहने वाली 14 वर्षीय आरूषि तलवार का शव उसके ही घर से बरामद हुआ। उस समय नौकर हेमराज को घर से लापता पाया गया, लेकिन एक दिन बाद हेमराज का भी शव घर की छत पर मिला। हत्या के वक्त आरूषि के डॉक्टर माता-पिता डॉ. राजेश और नूपुर तलवार भी घर पर ही थे। लंबे समय तक दोनों ने सीबीआई को बहुत घुमाया, लेकिन बाद में हकीकत सामने आ ही गई। सीबीआई के एसपी एजीएल कॉल ने बताया कि राजेश तलवार ने बेटी आरूषि और हेमराज को आपत्तिजनक स्थिति में एक साथ देख लिया था, जिसके बाद राजेश और नूपुर ने मिल कर हमेराज और आरूषि की हत्या कर दी। फिलहाल दोनों जेल में हैं, हालांकि दोनों हमेशा यही कहते आए हैं कि वे निर्दोष हैं। आरूषि इनकी इकलौती सं तान थी।

मशहूर जेसिका लाल हत्या कार्ड पर फिल्म “नो वन किल्ड जेसिका” भी बन चुकी है। 29 अप्रेल 1999 की रात पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा के बेटे मनु शर्मा ने जेसिका लाल की हत्या कर दी थी। मनु सोशलाइ ट बीना रामाणी के रेटोरेंट टैमरिंड कोर्ट में गया था जहां जेसिका बार टेंडर थी। मनु ने जेसिका से शराब की मांग की, लेकिन बार बंद हो जाने के कारण जेसिका ने शराब परोसने से मना कर दिया। इससे गुस्साए मनु ने जेसिका की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह केस ताकत के गलत इस्तेमाल के लिए भी जाना जाता है। इस केस के सभी गवाहों ने ताकत के आगे हार मान ली थी जिसका नतीजा यह हुआ था कि मनु शर्मा को ट्रायल कोर्ट ने फरवरी 2006 को रिहा कर दिया था। इसके बाद देश भर में जनता के गुस्से को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने इस केस को लिया और फास्ट ट्रैक ट्रायल पर डाला जिसका अंजाम यह हुआ कि मनु शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

दिल्ली प्रदेश यूथ कांग्रेस के पूर्वाध्यक्ष सुशील शर्मा को वर्ष 2003 में पत्नी नैना साहनी की हत्या के आरोप में सजा सुनाई गई थी। सुशील ने यह हत्या जुलाई 1995 में की थी। नेना से शादी करने से पहले सुशील उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहा था और चाहता था कि नैना इस शादी को राज रखे। 2 जुलाई 1995 को सुशील जब घर लौटा तो उसने नैना को फोन पर बात करते देखा। सुशील के आते ही नैना ने फोन रख दिया। सुशील ने रीडायल किया और फोन नैना के पूर्व क्लासमेट व कांग्रेस कलीग ने उठाया। नैना पर एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर के शक के आधार पर सुशील ने अपनी पिस्टल से उसे गोली मार दी और उसके शव को रेस्टोरेंट में ले गया। रेस्टोरेंट में सुशील ने नैना के शव के छोटे-छोटे टुकड़े किए और उन्हें तंदूर में जलाने का प्रयास किया। इस केस में 2003 में सुशील शर्मा को सजा-ए-मौत सुनाई गई। वर्ष 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने शर्मा की डेथ पेनल्टी को आजीवन कारावास की सजा में बदल दिया।

प्रियदर्शनी मट्टू लॉ स्टूडेंट थी और उसका शव 23 जनवरी 1996 को नई दिल्ली स्थित उसके अंकल के घर पाया गया था। प्रियदर्शनी को कई सालों से प्रताडित कर रहा उसका सीनियर संतोष कुमार सिंह इस के स में मुख्य आरोपी बनाया गया। बाद में खुलासा हुआ कि रसूखदार आईपीएस अफसर के बेटे संतोष ने ही रेप करने के बाद बिजली की तार गले में लपेटकर प्रियदर्शनी की हत्या की थी। इसके बाद उसने प्रियदर्शनी के चेहरे पर हैलमेट से इतने वार किए कि उसकी पहचान करना मुश्किल हो जाए। दिल्ली हाईकोर्ट ने 30 अक्टूबर 2006 को संतोष को फांसी की सजा सुनाई जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने लाइफ इं प्रिजनमेंट में बदल दिया।

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