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यह बच्चा माना जा रहा है भगवान गणेश का अवतार, सच होती है इसकी कही हर बात!

बेशक आपको यह सुनने में बहुत अजीब लग रहा होगा कि एक छोटा सा बच्चा भगवान गणेश का अवतार कैसे हो सकता है। खैर जालंधर के इस आठ वर्षीय लड़के को यहां के लोग तो इसी वजह से जानते हैं। आठ साल का प्रांशु यहां अपने नाम से नहीं बल्कि भगवान गणेशजी के रूप की वजह से जाना जाता है। प्रांशु के पिता मिस्त्री हैं। प्रांशु को देखते ही आपको यह और बच्चों से अलग लगेगा। इसकी वजह है इसकी सिर की हड्डी न होना।

प्रांशु की टांगें कमजोरी के कारण शरीर का भार नहीं उठा पातीं जिसकी वजह से वह ढंग से चल नहीं पाता। हालांकि स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रांशु की कही हर बात सच हो जाती है। प्रांशु के लिए बकायदा दरबार लगाया जाता है जहां उसे गणेशजी का रूप देकर बैठा दिया जाता है और लोग उसके आगे माथा टेक कर चढ़ावा चढ़ाते हैं।

प्रांशु के पिता ने बताया कि वो भी इसे भगवान का ही रूप मानते हैं और अन्य गांववालों की तरह इसे पूजते हैं। प्रांशु का पूरा शरीर भगवान गणेश की तरह है। गांव वाले प्रांशु से आशीर्वाद लेने आते हैं और मन्नते मांगते हैं। उनकी मन्नतें पूरी भी होती हैं। प्रांशु आम बच्चों की ही तरह रोजाना स्कूल जाता है। पिता बताते हैं कि स्कूल से लौटते वक्त वह रास्ते में एक जगह बैठ जाता है, जहां लोग आकर उसे माथा टेकते हैं।

दरअसल प्रांशु जन्मजात बीमारी से पीडि़त है, जिसकी वजह से उसका सिर काफी बड़ा और आंखें छोटी रह गई हैं। बताया जाता है कि इसकी वजह गर्भ में उसका उचित विकास न हो पाना था। पैदा होने के बाद जब लोगों ने उसका चेहरा देखा तो भगवान गणेश से उसकी तुलना होने लगी। देखते ही देखते यह बात हर जगह फैल गई और लोगों ने प्रांशु की पूजा करनी शुरू कर दी।