शनिवार को करें तेल के ये टोटके, मुसीबतों से मिलेगा छुटकारा

इससे शनि देव की कृपा मिलने के साथ कष्टों से मुक्ति मिलती है, लेकिन सही तरीके से तेल अर्पित करने से इसका फायदा दोगुना हो जाता है। आज हम आपको तेल के ऐसे टोटकों के बारे में बताएंगे जिनसे आप धनवान बनने के साथ मुसीबतों से छुटकारा पा सकते हैं।

शनि के प्रकोप को कम करने के लिए शनिवार के दिन एक कटोरी सरसों के तेल में अपनी छाया देखें। अब उस तेल को किसी शनि मंदिर में रख आएं। इसके अलावा आप शनि देव को सरसों के तेल में काले तिल डालकर भी चढ़ा सकते हैं।

मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए शनिवार एवं मंगलवार को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। ये प्रक्रिया लगातार 41 दिनों तक करें। इस दौरान वहां गुड़ भी चढ़ाएं। इससे सोई हुई किस्मत जाग जाएगी।

यदि घर में कोई बहुत बीमार है व किसी ऐसे रोग से ग्रसित है जो ठीक नहीं हो सकता है तो पीपल के वृक्ष के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं। ये प्रकिया 21 व 41 शनिवार को करने रोगी जल्द ही स्वस्थ हो जाएगा।

शनिदेव की कृपा पाने, धनवान बनने एवं दुर्भाग्य से बचने के लिए शनिवार को सरसो के तेल में भुना हुआ गेहूं का आटा व पुराने गुड़ से तैयार सात पूए, सात मदार (आक) के फूल, सिंदूर एवं आटे से तैयार सरसो के तेल का दीपक को अरण्डी के पत्ते पर रखकर शनिवार की रात किसी चौराहे पर रख दें। इस दौरान शनिदेव से दुर्भाग्य दूर करने की कामना करें।

अगर कोई व्यक्ति नजरदोष से पीड़ित रहता है तो शनिवार को सवा किलो आलू व बैंगन की सब्जी जो कि सरसों के तेल में बनी हो साथ ही उतनी ही मात्रा में पूरियां बनाकर इसे किसी गरीब व अपंग व्यक्ति को खिला दें। ऐसा लगातार 3 शनिवार को करने से नजर बाधा दूर होती है और व्यक्ति की तरक्की होती है।

शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा करना भी अच्छा माना जाता है। उन्हें इस दिन सिंदूर के साथ चमेली का तेल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इससे मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। हालांकि उन्हें कभी चमेली के तेल का दीपक नहीं दिखाना खहिए। को हर मंगलवार या शनिवार सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करना चाहिए।

धन प्राप्ति के लिए शनिवार के दिन हनुमान जी को कच्ची घानी सरसों के तेल के एक लौंग डालकर चढ़ाना चाहिए। इससे हनुमान जी के साथ शनिदेव भी प्रसन्न होते हैं। इससे घर में कभी धन की कमी नहीं होती है।

अगर आप अपने मकान का सपना देख रहे हैं और लाख कोशिशों के बावजूद ये पूरा नहीं हो रहा है तो शनिवार को शमी के पौधे के पास लोहे के दीये में सरसों का तेल भरकर जलाएं। इसमें बाती काले धागे की बनाएं। दीया चारमुखी होना चाहिए, जिससे चारों दिशाओं और चार कोणों में सही से रोशनी जा सकें। दीये को जलाने के बाद अगले दिन इसे किसी नदी में प्रवाहित कर दें। ऐसा करीब एक महीने तक करने से काम बन जाएगा।

यदि किसी का व्यापार नहीं चल रहा है और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है तो आप शनिवार को किसी कांच की शीशी में थोड़ा सरसों का तेल भर लें। अब इसे किसी नदी में प्रवाहित कर दें। ऐसा करीब 4 शनिवार तक करने से समस्या दूर हो जाएगी।

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