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क्या आपको पता है जंक्शन, टर्मिनस और सेंट्रल में अंतर, यहां पढ़ें

करीब करीब देश के हर शहर में रेलवे स्टेशन है और भारतीय रेल ऐशिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क भी है। पर क्या आपने कभी गौर किया है कि किसी जगह के स्टेशन को जंक्शन कहा जाता है, कहीं टर्मिनस और कहीं सेंट्रल। हो सकता है आपने गौर न किया हो, लेकिन इन तीनों के अर्थ अलग हैं। अगर आपको इनका फर्क पता हो तो आप बहुत सी चीजों के बारे में जान सकते हैं।

हमारे देश में रेलवे की पटरी 92081 किलोमीटर तक फैली हुई है। हर साल अरबों की सख्यां में लोग ट्रेन से सफर करते हैं। कभी आपने भी ट्रेन का सफर किया हो तो गौर किया होगा कि सफर के दौरान जंक्शन, टर्मिनस और सेंट्रल स्टेशन आते हैं, यहां पढ़ें इन सबका अर्थ

टर्मिनस

टर्मिनस या टर्मिनल का अर्थ होता है ऐसा स्टेशन जहां से ट्रेन आगे नहीं जाती। यानी कि जिस दिशा से ट्रेन उस स्टेशन पर पहुंचती है, दूसरी जगह जाने के लिए उसे उसी दिशा में वापस आकर फिर ट्रैक बदलना पड़ता है। भारत में कुल 27 टर्मिनस हैं इनमें छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस और कोचीन हार्बर टर्मिनस भी शामिल हैं।

सेंट्रल

सेंट्रल उस रेलवे स्टेशन को कहते हैं, जिसमें अनेक स्टेशन का समावेश होता है। यह शहर का बेहद व्यस्त स्टेशन होता है। कई जगहों पर पुराने स्टेशन को भी सेंट्रल कहा जाता है। भारत में कुल 5 सेंट्रल स्टेशन हैं – मुंबई सेंट्रल, चेन्नई सेंट्रल, त्रिवेंद्रम सेंट्रल, मैंग्लोर सेंट्रल और कानपुर सेंट्रल।

जंक्शन

जंक्शन वह रेलवे स्टेशन होता है जहां ट्रेनों की आवाजाही के लिए कम से कम 3 अलग अलग रूट होते हैं। यानी कि ट्रेन कम से कम एक साथ दो रूट से आ भी सकती हैं और जा भी सकती है।

स्टेशन

स्टेशन वह जगह होती है जहां ट्रेन से आने जाने वाले यात्रियों और सामान के लिए ट्रेन रुकती है। भारत में कुल आठ से साढ़े आठ हजार स्टेशन हैं।