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स्मोकिंग से जुड़े मिथ एंड फैक्ट्स

About – WHO के अनुसार दुनिया में हर साल लगभग 64 लाख लोगों की डेथ की वजह से होती है। इनमें से 9 लाख लोगों की मौत भारत में होती है। इसकी गंभीरता को देखते हुए WHO ने वर्ष 1987 से वर्ल्ड नो टोबेको डे मनाने का निर्णय लिया ताकि लोगों को के नुकसान के बारे में जागरुक किया जा सके। को लेकर कई तरह के मिथ प्रचलित हैं, जैसे अगर डाइट अच्छी है तो बॉडी पर इसका निगेटिव असर कम होता है। लेकिन यह बिल्कुल सच नहीं है। ऐसे और भी कई मिथ हैं। आज हम आपको बता रहे है से जुड़े 5 ऐसे ही मिथ और उनकी सच्चाई-

Myth – सिगरेट पीने के साथ अगर हेल्दी डाइट ली जाए तो फिर इससे नुकसान नहीं होगा।

सिगरेट का सीधा असर लंग्स पर पड़ता है जिसका डाइट से कोई संबंध नहीं है। इसलिए हेल्दी डाइट लेने पर भी सिगरेट नुकसान करेगी ही।

Myth – लाइट या माइल्ड सिगरेट ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाती है।

स्टडीज के अनुसार लाइट सिगरेट पीते समय स्मोकर्स ज्यादा तेजी से धुआं खींचते हैं। इससे लाइट सिगरेट भी रेग्युलर सिगरेट जितना ही नुकसान पहुंचाती है।

Myth – ई-सिगरेट नुकसान नहीं पहुंचाती है।

स्टडीज के अनुसार ई-सिगरेट में भी नार्मल सिगरेट की तरह हार्मफुल केमिकल्स पाए जाते हैं। इससे भी कैंसर की प्रॉब्लम हो सकती है।

Myth – सिगरेट में मौजूद सिर्फ निकोटिन और टार ही नुकसान पहुंचाते हैं।

सिगरेट में सिर्फ निकोटिन और टार नहीं होता है। इसके अलावा इसमें एरोमेटिक हाइड्रोकार्बन जैसे कई हार्मफुल केमिकल्स होते हैं जो कैंसर की प्रॉब्लम पैदा करते हैं।

Myth – अगर सिगरेट की मात्रा कम कर दी जाए तो फिर इससे नुकसान नहीं होगा।

Fact– दिनभर में चाहे एक सिगरेट पिएं या दो, इससे लंग्स को नुकसान पहुंचता ही है। सिगरेट की मात्रा कम करने से तलब और बढ़ जाती है। इसलिए स्मोकिंग छोड़ना ही बेहतर ऑप्शन है।

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