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चाणक्य के जीवन से जुड़े फैक्ट्स, जाने चाणक्य की मौत का कारण

Facts about Chanakya in Hindi : महान आचार्य चाणक्य जीवन दर्शन के ज्ञाता थे। उन्होंने जीवन में जो अनुभव प्राप्त किए, जिन नियमों का निर्माण किया, उन्हीं का उपदेश देकर वे इतिहास में अमर हो गए। चाणक्य की नीतियों के बारे में तो अधिकतर लोग जानते हें, लेकिन उनके जीवन के कुछ पहलू हैं, जिनके बारे में कम ही लोगों को पता है आइए जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ एेसी ही बातों को …

1. चाणक्य के मुंह में उनके जन्म के समय से एक दांत था। जन्म के कुछ दिन बाद उनके घर जैन मुनि पहुंचे थे। जिन्होंने वो दांत देखकर कहा था, ये लड़का राजा बनेगा।

2. ये सुनकर जब उनके माता-पिता घबरा गए और कहा कि वे चाहते है कि उनका पुत्र जैन मुनि या आचार्य बने तो मुनि ने कहा इसका ये दांत निकाल दीजिये तो ये राजा का निर्माता बनेगा।

3. चाणक्य ने चन्द्रगुप्त को उसके मामा से धन देकर खरीदा था, क्योंकि उसका मामा उससे काम करवाता था और बिना धन दिए उसे छोड़ने को तैयार नहीं था।

4. आचार्य चाणक्य को इतिहास में दो और नामों से भी जाना जाता है वो नाम है विष्णु और कौटिल्य। विद्वानों का मानना है विष्णुगुप्त उनका मूल नाम था।

5. कौटिल्य वो पहले विचारक थे, जिन्होंने ये कहा कि राज्य का अपना विधान यानी संविधान खुद बनाए। 2300 वर्ष पहले संविधान का ये पहला विचार था। तब कही और इसकी कल्पना भी नहीं थी।

6. बिंदुसार की माता की हत्या का झूठा आरोप लगने पर उन्होंने आहत होकर अपने पद का त्याग कर दिया था। जो कि बाद में गलत साबित हुआ।

7. प्राचीन जैन ग्रन्थ परिशिष्ट पर्व के अनुसार चाणक्य का जन्म गोल्य नाम के जनपद में हुआ था। उनके पिता का नाम चणक व माता का नाम चणेश्वरी था।

8. भ्रष्टाचार को रोकने के लिए आचार्य चाणक्य ने एक ऑडिटिंग सिस्टम लागू करने व कर्मचारियों व अधिकारियों को एक ही विभाग में लम्बे समय तक न रखने की बात कही है।

9. कौटिल्य का अर्थशास्त्र राज्य चलाने यानी संविधान का ब्लू प्रिंट था, लेकिन उनके पास न राज्य था और न राजा इसलिए उन्हें एक योग्य व्यक्ति की तलाश थी। जो चन्द्रगुप्त के रूप में पूरी हुई।

10. चाणक्य ने उस समय में पाटलिपुत्र से दूर तक्षशिला विश्वविद्यालय में अपनी पढ़ाई की जो आज अफगानिस्तान में है।

11. चाणक्य के मार्गदर्शन में ही मौर्य साम्राज्य उस समय का सबसे बड़ा साम्राज्य बना।

12. चाणक्य चंद्रगुप्त को भोजन में बहुत कम मात्रा में ज़हर भी देते थे ताकि वो शत्रु द्वारा किये जाने वाले किसी भी ज़हरीले आघात का सामना कर सके।

13. वर्तमान समय में भी सभी देशों की विदेश नीति का मुख्य आधार चाणक्य नीति है।

14. आचार्य चाणक्य ने अपनी कुटिल नीतियों से ही सिकंदर को भारत में आगे बढ़ने से रोककर वापस लौटने पर मजबूर किया था।

15. चाणक्य की मौत के बारे में मुख्य रूप से दो कहानियां प्रचलित है। पहली ये की चाणक्य ने भोजन व पानी त्यागकर अपनी इच्छा से शरीर छोड़ा। दूसरी ये कि वे एक षडयंत्र के शिकार हुए और उनकी मौत हुई।

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