News in Hindi

लाल किताब का यह रहस्य आपको शायद ही पता हो

लाल किताब के बारे में तो आप जानते ही होंगे। अगर नहीं जानते तो इस पोस्ट को पढऩे के बाद जरूर जान जाएंगे। लाल किताब की उत्पत्ति कब हुई थी, इसके बारे में तो पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है, लेकिन एक मान्यता कहती है कि लाल किताब का ताल्लुक रावण से है। लंकापति रावण जिसने मर्यादा पुरोशोतम श्री राम के हाथों मुत्यु प्राप्त कर मुक्ति पाई थी। रावण बहुत ज्ञानी और समझदार था।

कथाओं में कहा जाता है कि रावण ने भगवान सूर्य के सारर्थी अरुण से यह ज्ञान हासिल किया था। यह भी कहा जाता है कि रावण की मृत्यु के बाद ये किताब किसी तरह से आद नामक स्थान पर पहुंच गई, जहां इसका अनुवाद अरबी और फारसी भाषा में किया गया। माना जाता है कि आज भी यह किताब फारसी भाषा में विधमान है और आज भी पाकिस्तान के एक पुस्तकालय में सुरक्षित है।

 

हालांकि इस लाल किताब का कुछ हिस्सा गायब है। कथाओं के अनुसार एक बार लाहोर में जमीन खोदते समय ताम्बे की पट्टिकाए मिली जिन पर उर्दू और फारसी में लाल किताब लिखी मिली। वर्ष 1936 में यह किताब अरबी भाषा में लाहोर में छपी और छपते ही यह किताब प्रसिद्ध भी हो गई।

लाल किताब का हर भाग अपने आप में किसी ग्रंथ से कम नहीं है। हर भाग अपने आप में ही संपूर्ण है। लाल किताब अब हिंदी में भी उपलब्ध है।