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विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य दिवस: कहीं परेड हुई, कहीं वैक्‍सीन लगे

अलग-अलग राज्‍यों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य दिवस पर
देश के अलग-अलग हिस्‍सों में 7 अप्रैल को विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य दिवस पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिल्‍ली में हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने जहां पर्फेक्‍ट हेल्‍थ परेड की शुरुआत की वहीं झारखंड में रोटावायरस वैक्‍सीन की शुरुआत की गई। देश के कई अस्‍पतालों में हेल्‍थ शिविरों और सेमीनारों का आयोजन किया गया। दिल्‍ली में हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने पीतमपुरा इलाके में पर्फेक्‍ट हेल्‍थ परेड का आयोजन किया जिसमें करीब दिल्‍ली के करीब 10 स्‍कूलों के 1000 से अधिक छात्र छात्राओं ने हिस्‍सा लिया। हार्ट केयर फाउंडेशन ने यह आयोजन एस डी पब्लिक स्‍कूल के साथ संयुक्‍त आयोजन के रूप में किया जिसकी शुरुआत एसडी पब्लिक स्‍कूल से ही हुई।

गौरतलब है कि हार्ट केयर फाउंडेशन का यह सालाना आयोजन है जो पिछले 18 वर्षों से हर वर्ष आयोजित हो रहा है। इस परेड की शुरुआत से पहले महिला एवं बाल कल्‍याण विभाग की तरफ से एक नुक्‍‍कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इसके बाद स्‍वास्‍थ्‍य मशाल जलाकर परेड की शुरुआत की गई। इस मौके पर हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्‍यक्ष और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्‍यक्ष डॉक्‍टर के.के. अग्रवाल ने कहा कि इस परेड का लक्ष्‍य लोगों को पर्फेक्‍ट हेल्‍थ से संबंधित मंत्र देना है। इसके लिए उन्‍हें स्‍वस्‍थ जीवन के लिए व्‍यायाम और स्‍वास्‍थ्‍यकर जीवनशैली के बारे में जागरूक किया जाता है। परेड की रवानगी से पहले छात्रों को महिला और बाल कल्‍याण विभाग दिल्‍ली सरकार के संयुक्‍त निदेशक एचसी वत्‍स ने भी संबोधित किया। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रांची में रोटावायरस वैक्सीन की शुरूआत करते हुए कहा कि झारखंड को शिक्षित, स्वस्थ और सुखी बनाना है। इसके लिए सरकार काम कर रही है। रिम्स में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्‍होंने कहा कि जनता के शिक्षित होने पर ही स्वस्थ झारखंड बनेगा और स्वथ्य झारखंड से ही सुखी झारखंड बनेगा। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन सबसे बड़ी पूंजी है।

जानकारी और इलाज के अभाव में किसी की मृत्यु न हो, इसका प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने एक बच्चे को रोटावायरस ड्रॉप पिलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि झारखंड देश के चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां रोटावायरस को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया गया है। इससे राज्य में हर साल डायरिया से होनेवाले 2500 बच्चों की अकाल मृत्यु को रोका जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में कुपोषण भी बड़ी समस्या है। इसे समाप्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे रहे हैं। निमोनिया और कुपोषण के बाद डायरिया ही बच्चों में मौत का सबसे बड़ा कारण है। नवजात से लेकर पांच साल तक के बच्चों को रोटावायरस ड्रॉप देकर डायरिया से बचाया जा सकता है।

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