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मीठा खून चूसने के लिए काटते हैं मच्छर, जानिए ऎसे ही भ्रम

गर्मी के मौसम में मच्छर पनपने लगते हैं, ये छोटे से दिखने वाले मच्छर बड़ी-बड़ी बीमारियों का गढ़ होते हैं। मच्छरों से होने वाली सबसे बड़ी बीमारी है मलेरिया। मलेरिया से मरीज को बुखार आने लगता है और वह कमजोर हो जाता है। अक्सर जिन्हें ज्यादा मच्छर काटते हैं, उनके लिए कहा जाता है कि उनका खून मीठा है, लेकिन ऎसा कुछ नहीं है। जानिए क्या है इससे जुड़े कुछ ऎसे ही भ्रम और उनके सच…

भ्रम : यह मच्छर रात को काटता है?

सच : मलेरिया फैलाने वाले मच्छर कभी भी काट सकते हैं। लेकिन डेंगू वाले मच्छर दिन में कई बार व्यक्ति को काटते हैं।

भ्रम : मलेरिया में बुखार एक दिन छोड़कर आता है?

सच : लक्षणों के दौरान ऎसा होता है लेकिन जब स्थिति गंभीर हो जाती है तो रोगी को नियमित रूप से बुखार भी हो सकता है।

भ्रम : मरीज को अस्पताल में भर्ती करा देना चाहिए?

सच : अगर मरीज की स्थिति नियंत्रण में हो तो डॉक्टरी सलाह से दी जा रही दवाइयों, उचित खानपान और साफ-सफाई का ध्यान रखकर घर पर ही इलाज संभव है। लेकिन यदि लो ब्लड प्रेशर, जी घबराना, सांस लेने में तकलीफ, प्लेटलेट्स कम होना, तेज बुखार, बेहोशी, दिमागी बुखार, पेशाब न आना या काले रंग का आने पर अस्पताल में भर्ती करना जरूरी होता है।

भ्रम : जिनका मीठा खून होता है, उन्हें ये ज्यादा काटते हैं?

सच : जिन लोगों का स्किन एक्सपोजर ज्यादा होता है, मच्छर उन्हें ज्यादा काटते हैं। बेहतर होगा कि ऎसे कपड़े पहनें जिससे त्वचा ज्यादा से ज्यादा ढंकी रहे।

भ्रम : प्रिवेंटिव डोज केवल बारिश के मौसम में ही लेनी चाहिए?

सच : ऎसा नहीं है, यदि कोई व्यक्ति मलेरिया रहित क्षेत्र से इस रोग प्रभावित स्थान पर जाता है तो उसे डॉक्टरी सलाह से ये दवाएं लेनी चाहिए।

भ्रम : मलेरिया होने पर खूब पानी पीना चाहिए?

सच : अगर मरीज को डिहाइड्रेशन की समस्या हो रही है तो पर्याप्त पानी और खानपान में लिक्विड चीजों से पूर्ति करानी चाहिए।

भ्रम : सर्दी में मलेरिया नहीं फैलता?

सच : यह रोग किसी भी मौसम में हो सकता है लेकिन गर्मी व बारिश के मौसम में पानी इकटा होने से मच्छरों की तादाद बढ़ती है और मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है।

भ्रम : क्यूनाइन गोली इस रोग में कारगर है ?

सच : दवाओ से मलेरिया का पूरी तरह से इलाज हो जाता है। मलेरिया होने पर कई प्रकार की दवाइयां प्रभावी होती हैं। डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार क्लोरोक्विन, आर्टीसुनेट्स आदि दवाएं देते हैं और कई बार जरूरत के अनुसार इंजेक्शन भी लगाए जाते हैं।

मलेरिया उन लोगों को ज्यादा होता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कम होती है इसलिए अपनी मजबूती को बनाए रखने के लिए संतुलित व पोषक आहार लें और खुद को हाइड्रेट रखने के लिए तरल पदार्थ लेते रहें।

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