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कांग्रेस अध्‍यक्ष की रैली ने ले ली नवजात की जान’

हरियाणा के सोनीपत जिले में एक नवजात की मौत के मामले में आई जांच रिपोर्ट में आज कहा गया कि यह घटना कांग्रेस की एक रैली के चलते एक एम्बुलेंस के जाम में फंस जाने के बाद अस्पताल पहुंचने में विलंब के चलते हुई। राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के आदेश दिए थे। मामले में एनएचआरसी ने भी 24 अगस्‍त को स्वास्थ्य मंत्रालय और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया। एनएचआरसी ने कहा, ‘राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मीडिया की उन खबरों का स्वत: संज्ञान लिया है जिसमें कहा गया है कि 22 अगस्त को हरियाणा के सोनीपत में एक राजनीतिक दल की रैली में एंबुलेंस के फंसने से अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण उसमें एक नवजात की मौत हो गयी।’ आयोग ने चार हफ्ते के भीतर मामले में विस्तृत रिपोर्ट के साथ पीड़ित परिवार को प्रदान की गई राहत का ब्यौरा पेश करने के लिए राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है। उधर राज्‍य सरकार की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चे की मौत रोहतक स्थित पीजीआईएमएस पहुंचने के तुरंत बाद हो गई क्योंकि सोनीपत जिले में हरियाणा कांग्रेस के प्रमुख अशोक तंवर की साइकिल रैली के चलते एम्बुलेंस बीस से तीस मिनट तक फंसी रही।

ये रिपोर्ट राज्य के स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक सतीश अग्रवाल ने तैयार की है और इसे स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को सौंपा गया है। विज ने 23 अगस्‍त को अग्रवाल को विशेष जांच टीम गठित कर मामले की जांच करने तथा जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था। उन्होंने मामले को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के समक्ष उठाते हुए पुलिस कार्रवाई की भी मांग की थी।

उधर, एनएचआरसी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भी एक नोटिस जारी किया है और उसके सचिव को चार हफ्ते के भीतर एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देते हुए सरकारी, निजी अस्पतालों या बाहर से मंगाई गई प्रत्येक एंबुलेंस में जीवन रक्षा उपकरणों की व्यवस्था जरूरी बनाने को कहा गया है। गौरतलब है कि हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर की साइकिल यात्रा के दौरान मंगलवार को कथित रूप से जाम में एक एंबुलेंस के फंसने के कारण एक नवजात शिशु की मौत होने के मामले में उसके परिजनों ने कुंडली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। नवजात के पिता जितेन्द्र ने कुंडली थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की। थाना प्रबंधक बीर सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता जितेन्द्र ने किसी के नाम से शिकायत नहीं दी है। उसने बताया कि एबुलेंस में ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं थी। वह जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचना चाहता था लेकिन जाम में फंसे होने के चलते वह अपने बच्चे को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा पाया।

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