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रातभर सो नहीं पाएंगे, अगर देखी इन में से कोई भी हॉरर मूवी

श्राप इतनी आसानी से पीछा नहीं छोड़ता। यह आपके साथ-साथ चलता रहता है। ऐसा ही दिखाया गया है 2004 में आई अमेरिकन फिल्म ‘द ग्रज’ में। यह एक जापानी फिल्म का रीमेक है। फिल्म में एक शख्स अपनी पत्नी की बेवफाई से नाराज होकर उसे और अपने बेटे को मार देता है और फिर खुद भी सुसाइड कर लेता है। तभी से शुरू होता है श्राप। फिर इस घर में आने वाले लोगों की मौतों का सिलसिला शुरू हो जाता है। घर छोडऩे के बाद भी यह आत्माएं उनके पीछे लगी रहती है और तब तक उन्हें नहीं छोड़ती जब तक अपने शिकार को मार ना दें। आपको बता दें कि बाद में ‘ग्रज’ सीरिज की 2 और फिल्में भी आई थी।

‘कॉनट्रेक्टड’ समंथा की कहानी है। पार्टी में एक अजनबी समंथा का रेप करता है। अगले दिन से ही उसके अजीब लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं। समंथा अपने साथ हुए इस उत्पीडऩ को छुपाने के लिए संघर्ष करती हुई नजर आती है। फिल्म में उसकी हालत देखकर लोगों के पसीने छूट जाते हैं।

बॉलीवुड डायरेक्टर-प्रोड्यूसर राम गोपाल वर्मा हॉरर फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपनी फिल्म के लिए दावा किया था कि कोई इसका नाइट शो यानि 9 से 12 बजे वाले शो को अकेला नहीं देख सकता। ऐसे दावें केवल बॉलीवुड में ही नहीं बल्कि हॉलीवुड में भी किए जाते हैं। 2013 में आई ‘द कॉनज्यूरिंग’ अमेरिकन हॉरर फिल्म को अकेले 9-12 का शो केवल एक हिम्मत वाला शख्स ही देख सकता है।फिल्म में रोजर और कैरलिन अपनी 5 बेटियों के साथ नए फार्महाउस में रहने जाता है। बस तभी से शुरू होता है उनकी जिंदगी में अजीब घटनाओं का सिलसिला।

क्या आपको कभी ऐसा लगा है कि अजीबोगरीब घटनाएं सामने आ रही हैं। आपको लगता है कि जो कुछ आप देख सुन रहे हैं वह सामान्य बात नहीं है। जी हां, ऐसा सचमुच हो सकता है अगर आपने ये मूवी देखी है। यह हॉरर मूवी है ‘पैरानॉर्मल एक्टिविटी’। यह एक यंग कपल की कहानी है। जिसमें उनके घर में होने वाली अजीब घटनाओं को दिखाया गया है। उस अजीब घटना के पीछे के सच को जानने के लिए वे घर में कैमरा सैटअप लगाते हैं।

हॉरर फिल्में देखने का शौक हर किसी को होता है। लेकिन ऐसी कुछ फिल्में हैं जिन्हें अकेले देखना कमजोर दिल वालों के बस में नहीं है। रात के अंधेरे में सुनाई देने वाली चीखें, अजीबोगरीब घटनाएं, सुनसान और डरावनी जगह देखकर आप कांप उठते हैं। हॉरर फिल्म की बात हो तो ‘द एग्जॉरसिस्ट’ का नाम एकदम से दिमाग में आता है। 41 साल पहले आई इस फिल्म को आज भी देखेंगे तो आपके रोगटें खड़े हो जाएंगे। यह एक लड़की रेगन और उसकी काल्पनिक दोस्त की कहानी है, जो डेविल में बदल जाती है। इसके बाद भूत भगाने के लिए फादर मेरिन को बुलाया जाता है।

हॉलीवुड के फिल्म निर्माता फेट अलवारेज ने यह दावा किया कि उनकी फिल्म अब तक सबसे ज्यादा डरावनी फिल्म है। ‘एविल डेड’ में 5 दोस्त दूर एक केबिन में जाते हैं। वहीं पास के जंगल में भूतों की नजर उनपर पड़ती है और मौतों का सिलसिला शुरू हो जाता है।

‘द शाइनिंग’ स्टेफन किंग के नोवल पर आधारित फिल्म है। फिल्म में जैक नामक शख्स को ऑफ सीजन में एक होटल के केयरटेकर की नौकरी मिलती है। वह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ उस होटल में जाता है और तभी से उनके साथ कुछ अजीब घटनाएं होने लगती है। जैक पर भूत का साया इस कदर हावी हो जाता है कि वह अपनी पत्नी और बच्चे को मारने की कोशिश करने लगता है।

‘द ओमन’ में डेविल के बच्चे को एक सुखी, राजनीतिक परिवार में छोड़ दिया जाता है। जब वह बड़ा होता है तब से शुरू होती है तबाही। उसका लक्ष्य दुनिया पर राज करना होता है और वह अपने लक्ष्य के बीच आने वाले हर शख्स को खत्म कर देता है।

आप अक्सर अपने घर में अकेले रहते हैं। कई लोगों को अकेले रहना पसंद होता हैं। लेकिन इस फिल्म को देखकर आप घर में अकेले रहने से डरने लगेंगे। ‘चैलेंजिंग’ में जॉर्ज नामक शख्स के परिवार की एक एक्सीडेंट में मौत हो जाती है। वह एक खाली मैंशन में अकेला रहने लगता है। बस तभी से उसके साथ बहुत कुछ अजीब बातें घटने लगती है।

हैलोविन पश्चिम की एक परंपरा है, लेकिन इस फिल्म को देखकर आपको हैलोविन से डर लगने लगेगा। 1978 में आई ‘हैलोविन’ में जेमी ली कर्टिस को बेबीसिटर के रूप में दिखाया गया है, जो साइको किलर माइकल मायर्स से बहुत डरा हुआ होता है। इसके बाद इस पर कई और फिल्में भी बनी हैं।

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