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कभी न करें इन चीजों को दान, अपके जीवन पर आ जाएगा संकट

हमे बचपन से ही सिखाया जाता है कि दान करना अच्छी बात है और इस जन्म में हम जो भी दान करते हैं, वही सब हमें अगले जन्म में नसीब होता है। दान करना हमारी भारतीय संस्कृति में सर्वोपरि गुण भी माना जाता है। दान देने की परम्परा तो सदियों से चली आ रही है, लेकिन बहुत जरूरी है यह जानना कि आपको दान में क्या चीज देनी चाहिए और क्या नहीं। भूलकर भी ये चीजें न करें दान –

सूर्य ग्रह

जब सूर्य सिंह राशी में होता है तो अपनी स्वराशी में होता है और जब मेष राशि में होता है तो उच्च होता है। किसी भी व्यक्ति की कुंडली अनुसार सूर्य मेष और सिंह राशि में से किसी भी एक राशि में हो तो उसे लाल व गुलाबी रंक की वस्तुओं को दान नहीं करना चाहिए। इसके अलावा गेंहू, आटा और गुड़ भी दान नहीं करना चाहिए। अगर जातक की कुंडली में सूर्य का ऐसा योग बन रहा है तो उसके लिए कम नमक और मीठे पदार्थों का सेवन सर्वोपरी है।

चंद्र ग्रह

चंद्र ग्रह कर्क राशि में अपनी राशि का होता है और वृष राशि में उच्च होता है। किसी भी जातक को चंद्र ग्रह की ऐसी स्थिति में दूध, चावल और गहनों में मोदी व चांदी का दान सर्वोपरी है। अगर ऐसा जातक अपनी माता या अपने ये उम्र में बड़ी किसी भी महिला का अपना करता है तो वह मानसिक तनाव से ग्रसित हो जाता है।

मंगल ग्रह

मंगल ग्रह का मकर राशि में होना उच्चता का प्रतीक है और वृश्चिक राशि में होना स्वराशि होता है। किसी भी जातक की कुंडली में मंगल ग्रह के ऐसे योग के वक्त मसूर की दाल और मीठे या खाने योग्य मीठे पदार्थ का दान वर्जित है।

मीठे पदार्थों का दान

घर में आए मेहमान को खाने में सौंफ कभी न दें, ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से वह मेहमान कभी न कभी आपके विरुद्ध कड़वा जरूर बोलेगा।

बुध ग्रह

कन्या राशि में उच्च रहने वाला यह बुध ग्रह मिथुन राशि में स्वराशी वाला ग्रह होता है। किसी भी जातक की कुंडली में इनमें से कोई भी स्थिति हो तो उसे हरे रंग की वस्तुओं का दान नहीं देना चाहिए। कोई भी हरे रंग का वस्त्र या हरे रंग की खाने पीने की चीजे दान नहीं देनी चाहिए। यही नहीं जातक की कुंडली में बुध ग्रह की ऐसी स्थिति आने पर उसको घर में न तो मछलियां पालनी चाहिए और न ही कभी मछलियों को दाना भी नहीं डालना चाहिए।

बृहस्पति ग्रह

कर्क राशि में उच्च रहने वाला बृहस्पति धनु और मिथुन राशि में स्वराशी वाला होता है। इस स्थिति में पीले रंग की कोई भी वस्तु दान में नहीं देनी चाहिए।

शुक्र ग्रह

खुक्र ग्रह का मीन राशि में उच्च भाव और वृष तथा तुला राशि में होना स्वराशी माना जाता है। ऐसी स्थिति में सफेद रंग की कोई भी वस्तु और सुगंधित पदार्थों को दान देने की मनाही है। इसके अलावा दही, मिश्री, मक्खन, शुद्ध घी, इलायची और नई खरीदी वस्तु दान में देना हानिकारक होता है।

शनि ग्रह

मकर और कुम्भ राशि में स्वराशी होने वाला यह शनि तुला राशि में उच्च भाव को प्राप्त करता है। ऐसी स्थिति में काली चीजों का दान कभी न करें। इसके अलावा लकड़ी और फर्नीचर, तेल या तैलीय सामग्री, बिल्डिंग मैटीरियल आदि दान में न दें। कुंडली में शनि ग्रह की ऐसी स्थिति वाले जातक को कालें की भैंस, गाय या कोई काले डॉग को पालने की मनाही होती है।

राहु ग्रह

वृष और मिथुन राशि में उच्च रहने वाले राहू ग्रह कन्या राशि में स्वराशी है। अगर किसी की कुंडली में राहु ग्रह उपर दिए गए दोनों में से किस भी स्थान पर बैठा हो तो उस जातक को नीले, भूरे रंग वाले किसी भी पदार्थ का दान नहीं करना चाहए।

केतु ग्रह

वृश्चिक और धनु राशि में केतु ग्रह उच्चता को प्राप्त करता है और मीन राशि में यह स्वराशी वाला होता है। ऐसे में जातक के लिए घर में पक्षी को पालना हितकारी नहीं होता। पाल ले तो धन की हानी संभव है।