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वृषभ लग्न और कष्ट निवारक उपाय

वृषभ लग्न के जातकों का छोटा कद, लेकिन आकर्षक व्यक्तित्व होता है। स्थिर लग्न होने से इनका स्वभाव स्थिरता लिये हुए होता है। ये जो भी कार्य करते हैं उसे पूरा करके ही हटते हैं। राशि चिह्न बैल होने की वजह से ये अत्यंत मेहनती होते हैं तथा लगातार कार्य करते रहना इनका व्यवहार हैं। आप इनसे प्यार से कुछ भी करा सकते हैं लेकिन जबरदस्ती करने पर ये बैल की भाँति अç़डयल हो जाते हैं, उस स्थिति में इनसे कुछ भी कराना मुश्किल होता है। ये जिद्दी होते हैं, इन्हें अपनी जिद्द को छो़डने का प्रयास करना चाहिए। पृथ्वी तत्त्व होने से सहनशीलता का भाव इनमें कूट-कूट कर भरा होता है। जब तक इनसे सहन होता है, करते जाते हैं। अधिक सहन करने की वजह से कई बार गंभीर बीमारियों से ग्रस्त भी हो जाते हैं। अत्यधिक मेहनत करने एवं लगातार बिना रूके काम करने की अपनी आदत की वजह से आप अपने खानपान पर भी ध्यान नहीं देते हैं और आपको गैस से संबंधित रोग हो सकते हैं। लेकिन जब किसी की सहायता करते हैं तो अपनी पूर्व शक्ति लगा देते हैं। काम के साथ आपको अपने खाने-पीने पर भी ध्यान देना चाहिए। लंबे समय तक भूखे ना रहकर बीच-बीच में थो़डा-थो़डा खाना चाहिए।

शुक्र के प्रभाव होने से अपने कार्यस्थल पर आप हर आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हैं। आप अपने पहनावे पर बहुत अधिक ध्यान देते हैं। समय के साथ अपने रहन-सहन में आप परिवर्तन करते रहते हैं। योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना आपको पसंद होता है।

हर वस्तु को नियत स्थान पर रखना, हाथ में लिया गया प्रत्येक कार्य पूर्ण करना, प्रत्येक सुन्दर वस्तु की ओर आप आसानी से आकर्षित हो जाते हैं। आपको ये लगता है कि आप सही हैं, गुस्से में आप यह भी भूल जाते हैं कि सामने वाला भी सही हो सकता है। अपने क्रोध एवं क्रोध की स्थिति में किसी के बारे में बनने वाली अपनी सोच को आपको बदलना चाहिए।

आर्थिक समस्या निवारण हेतु :-

यदि आप आजीविका के क्षेत्र में बारबार अवरोध अनुभव कर रहे हैं, कार्यक्षेत्र में अधिकारी वर्ग से सम्बंधों में बिगाड उत्पन्न हो रहा हो अथवा पिता से तनावपूर्व स्थितियों का सामना करना पड रहा हो, तो इसके लिए आपको 13 मुखी रूद्राक्ष धारण करना श्रेष्ठफलदायक सिद्ध होगा। साथ ही नित्य प्रात: ॐ उपेन्द्राय अच्युताय नम : मन्त्र का 10-15 मिनट जाप अवश्य किया करें। आप देखेंगें कि इस उपाय से जहाँ आपकी आमदनी के स्त्रोत खुलने लगे हैं, वहीं सामाजिक संबंधों में भी मधुरता की अभिवृद्धि होने लगी है।
इसके अतिरिक्त यदि आपको व्ययाधिक्य के कारण किन्ही आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड रहा हो, तो उसकी निवृति के लिए प्रत्येक रविवार के दिन श्रीलक्ष्मीनारायण अथवा श्री रामदरबार मन्दिर में जाकर भगवान को दण्डवत प्रणाम करें एवं बुधवार के दिन कपिला गाय को चारा खिलाते रहें।

भाग्योन्नति हेतु :-

यदि आपको भाग्योन्नति में बार-बार अवरोध कि स्थितियों का सामना करना पड रहा है, अथवा आपका प्रत्येक कार्य सफलता के समीप आकर रूक जाता हो, तो उसके लिए लगातार 16 शनिवार उडद की दाल की सरसों के तेल में बनी पकौडियाँ/कचौरियाँ भिखारियों को दान में दें। साथ ही प्रतिदिन रात को सोने से पूर्व “जन्मान्तरम सहस्त्रेषु, दारिद्रयं नोपजायते” मन्त्र का जाप अवश्य किया करें आप देखेंगें कि शनै: शनै: आपके भाग्य के समस्त अवरोध हटकर जीवन में शान्ति एवं समृद्धि का समावेश होने लगा हैं।

सुरूचिपूर्ण जीवन हेतु :-

यदि आप जीवन में बार-बार परेशानी एवं कार्यों में व्यवधान उत्पन हो रहे हों, तो आपको प्रत्येक गुरूवार के दिन किसी ब्राह्मण को फल का दान अवश्य करते रहना चाहिए। इसके अतिरिक्त नित्य प्रात: अथवा संध्या समय कुछ देर निम्न मन्त्र का जाप करें। ॐ ह्रीं हिमकुन्द मृणालाभं दैत्यानां परमं गुरूम ! सर्वशास्त्र प्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम !! इससे आपको जीवन में अनायास उत्पन हो रही कईं प्रकार की परेशानियों एवं बाधाओं से सहज ही मुक्ति मिलने लगेगी।

सम्पत्ति, वाहन सुख प्राप्ति हेतु :-

यदि आप जमीन-जायदाद, नजदीकी सगे सम्बन्धियों अथवा वाहन सम्बंधी किसी प्रकार की कोई समस्या/कष्ट का सामना कर रहे हैं, तो इसके लिए सर्वप्रथम चाँदी में मंडवाकर गले में एक पंचमुखी रूद्राक्ष धारण करें। उसके बाद नित्य रात्रि को ताबें के किसी पात्र में जल भरकर रखें तथा सुबह स्नानादि पश्चात उस जल में एक चुटकी भर चावल मिलाकर भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य दें। तत्पश्चात घर के बडे-बुजुर्गों के चरण-स्पर्श करें। यदि उस समय घर में कोई बुजुर्ग व्यक्ति न हो अथवा परिवार से कहीं दूर निवास कर रहे हों तो आप इसे मानसिक रूप से भी कर सकते हैं। ऎसा लगातार कम से कम तीन माह की अवधि तक निरन्तर करें तो आपकी समस्या का समाधान स्वत: ही निकलने लगेगा।

दाम्पत्य सुख हेतु:-

यदि आप दाम्पत्य जीवन में व्यवधान यथा पति-पत्नि में विवाद, वैचारिक मतभेद, अशान्ती जन्य किन्ही कष्टों का सामना कर रहे हैं तो उसकी निवृति एवं आपसी सामंजस्य की अभिवृद्धि हेतु आप न्यूनतम 12 मंगलवार लगातार श्री हनुमान जी के सम्मुख शुद्ध घी का द्विमुखी दीपक प्रज्वलित करें तथा उन्हे लाल चन्दन की माला अर्पित करें। साथ ही अभक्ष्य पदार्थों के सेवन से यथासंभव बचकर रहें।

भय, मानसिक तनाव से मुक्ति हेतु :-

यदि आप किसी वजह से मानसिक तनाव में रहते हैं अथवा किसी अज्ञात भय से पीडित हैं, अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं तो उसके लिए अपने परिवार की किसी विवाहित स्त्री को लाल रंग का वस्त्र उपहार में दें एवं अपने इष्टदेव को नित्य प्रात:काल केसर + रक्त चन्दन का तिलक लगायें।

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