शुक्रवार को करें ये उपाय, मां लक्ष्मी भर देगी आपके भंडार

Shakravar ke totke in hindi : हिंदू धर्म में शुक्रवार का दिन लक्ष्मी जी का दिन माना जाता है। यदि मां महालक्ष्मी की आराधना शुक्रवार के दिन की जाए तो उन्हें बहुत जल्दी प्रसन्न किया जा सकता है। इस दिन कई लोग व्रत भी रखते है जिससे कि उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाएं और सुख-शाति के साथ रह सके। (Friday ke totke in hindi ) धन की देवी को प्रसन्न करना बहुत ही आसान है। एक बार माँ लक्ष्मी भक्त पर प्रसन्न हो जाए तो भक्त धन से मालामाल हो जाते है। करोड़पति बनना है तो शुक्रवार को करें ये टोटके/उपाय, मां लक्ष्मी भर देगी आपके भंडार। लगातार 3 शुक्रवार करें ये टोटके/उपाय, मां लक्ष्मी जरूर करेंगी कृपा।

शुक्रवार के टोटके/उपाय

शुक्रवार के दिन शाम को गाय के घी का दीपक घर के ईशान कोण में जलाएं। इस दीपक में थोड़ा सा केसर डालें तथा रूई के स्थान पर लाल रंग के सूती धागे का प्रयोग करें। इससे शीघ्र ही धन-सम्पदा आने के योग बनते हैं।

शुक्रवार को 7 कुंवारी लड़कियों को घर बुलाकर उन्हें भोजन करवाएं। उन्हें भर पेट खीर (शक्कर के स्थान पर मिश्री डालें) खिलाएं। इसके बाद उन्हें वस्त्र और दक्षिणा देकर पैर छू लें। इस उपाय से जल्दी ही धन प्राप्ति होती है।

शुक्रवार के दिन भगवान विष्णु का दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर अभिषेक करें। इस अभिषेक से मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती है।

ॐ श्रीं श्रीये नम: – इस मंत्र का 108 बार यानि कि एक माला का जाप करें

शुक्रवार के दिन एक पीला कपड़ा लेकर उसमें पांच पीले रंग की कौड़ी, थोड़ा सा केसर तथा सिक्के डालें। इन सब को बांधकर उन्हें उन्हें अपनी तिजोरी में या गल्ले में रख दें। इसके प्रभाव से कुछ ही दिनों में आपकी धन संबंधी सभी समस्याएं समाप्त हो जाएंगी और घर में पैसा आना शुरु हो जाएगा।

श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर में इत्र का दान करें।

शुक्रवार को कोई भी एक स्टील का ताला खरीद लीजिए ! लेकिन ताला खरीदते वक्त न तो उस ताले को आप खुद खोलें और न ही दुकानदार को खोलने दें , इस ताले को आप शुक्रवार की रात अपने सोने के कमरे में रख दें ! शनिवार सुबह उठकर नहा-धो कर ताले को बिना खोले किसी मन्दिर पर रख दें

शुक्ल पक्ष में पडऩे वाले किसी शुक्रवार के दिन पत्नी अपने हाथों से प्रेम पूर्वक साबूदाने की खीर बनाएं लेकिन उसमें शक्कर के स्थान पर मिश्री डालें। इस खीर को सबसे पहले भगवान को अर्पित करें और इसके बाद पति-पत्नी थोड़ी-थोड़ी एक-दूसरे को खिलाएं। इसी दिन किसी मंदिर में इत्र का दान करें।

5 शुक्रवार भगवान श्रीगणेशजी तथा मां महालक्ष्मी का पूजन करें। पूजन में एक नारियल भी रखें। पूजा के बाद इस नारियल को तिजोरी में रख दे। रात के समय इस नारियल को निकालकर किसी गणेश मंदिर में अर्पित कर दें। साथ ही भगवान गणेशजी से गरीबी दूर करने की प्रार्थना करें।

शुक्रवार के दिन सुबह मां लक्ष्मी के मंदिर में एक जटावाला नारियल, गुलाब, कमल पुष्प माला, सवा मीटर गुलाबी या सफेद कपड़ा, सवा पाव चमेली का तेल, दही, सफेद मिष्ठान्न तथा एक जोड़ा जनेऊ मां को अर्पित करें। इसके बाद लक्ष्मीजी की कपूर तथा देसी घी से आरती उतार कर श्रीकनकधारा स्रोत का जाप करे

शुक्रवार के दिन भगवान विष्णु का दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर अभिषेक करे। अभिषेक के बाद उनकी विधिवत पूजा-अर्चना करें। इस उपाय से भी घर में दिन दूना रात चौगुना पैसा आना शुरु हो जाता है।

शुक्रवार के दिन गरीबों को सफेद रंग की वस्तु अथवा खाद्य पदार्थ का दान करें। इससे धन से जुड़ी सारी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं।

घर में स्वच्छता का जरुर ध्यान दे। इससे माता लक्ष्मी जरुर प्रसन्न होती है। साथ ही कभी शाम के समय घर में झाडू न लगाए इससे घर की लक्ष्मी बाहर चली जाती है।

शुक्रवार के दिन उस जगह जाए। जहां पर मोर नृत्य करते है। वहां की मिट्टी लाकर एक लाल रंग के कपड़े में बांधकर पवित्र जगह में रख दें और उसकी रोज पूजा करें।

घर पर ऐसी पेड़ की टहनी लेकर आए जिसमें चमगादड़ बैठते हो। और ऐसी जगह पर रखें जहां पर उसे कोई देख न पाएं।

अष्ट लक्ष्मी और उनके मूल बीज मंत्र इस प्रकार हैं

अष्ट लक्ष्मी में मां के 8 रूप इस प्रकार हैं…

  1. श्री आदि लक्ष्मी – ये जीवन के प्रारंभ और आयु को संबोधित करती है तथा इनका मूल मंत्र है – ॐ श्रीं।।
  2. श्री धान्य लक्ष्मी – ये जीवन में धन और धान्य को संबोधित करती है तथा इनका मूल मंत्र है – ॐ श्रीं क्लीं।।
  3. श्री धैर्य लक्ष्मी – ये जीवन में आत्मबल और धैर्य को संबोधित करती है तथा इनका मूल मंत्र है – ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं।।
  4. श्री गज लक्ष्मी – ये जीवन में स्वास्थ और बल को संबोधित करती है तथा इनका मूल मंत्र है – ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं।।
  5. श्री संतान लक्ष्मी – ये जीवन में परिवार और संतान को संबोधित करती है तथा इनका मूल मंत्र है – ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं।।
  6. श्री विजय लक्ष्मी यां वीर लक्ष्मी – ये जीवन में जीत और वर्चस्व को संबोधित करती है तथा इनका मूल मंत्र है – ॐ क्लीं ॐ।।
  7. श्री विद्या लक्ष्मी – ये जीवन में बुद्धि और ज्ञान को संबोधित करती है तथा इनका मूल मंत्र है – ॐ ऐं ॐ।।
  8. श्री ऐश्वर्य लक्ष्मी – ये जीवन में प्रणय और भोग को संबोधित करती है तथा इनका मूल मंत्र है – ॐ श्रीं श्रीं।।

कैसे करें लक्ष्मी पूजन:

– अष्ट लक्ष्मी की पूजा शुक्रवार की रात करनी चाहिए. इनकी पूजा रात 9 बजे से 10 बजे के बीच होती है.
– इनकी पूजा हमेशा गुलाबी कपड़े पहनकर और गुलाबी आसन पर बैठकर ही करें.
– गुलाबी कपड़े पर श्री यत्र और अष्ट लक्ष्मी की तस्वीर स्थापित करें.
– किसी भी थाली में गाय के घी के 8 दीप जलाएं.
– गुलाब के सुगंध की अगरबत्ती जलाएं और लाल फूल और लाल माला चढ़ाएं.
– मावे की बर्फी का भोग लगाएं.
– अष्ट गंध से श्री यंत्र और अष्ट लक्ष्मी पर तिलक लगाएं.
– कमल गट्टे की माला हाथ में लेकर ‘ऐं ह्रीं श्रीं अष्टलक्ष्मीयै ह्रीं सिद्धये मम गृहे आगच्छागच्छ नम: स्वाहा।।’
– इस मंत्र का 108 बार जाप करें.
– जाप पूरा होने के बाद आठों दीप को घर के आठ दिशाओं में स्थापित कर दें.
– कमलगट्टे की माला को तिजोरी में स्थापित करें. यदि कमलगट्टे की माला नहीं है तो कमलगट्टे को हाथ में रख कर भी आप मंत्रों का जाप कर सकते हैं और उसे फिर तिजोरी में रख दें.
– इस उपाय से जीवन के आठों वर्ग में आपको सफलता प्राप्त होगी.

सोमवार के टोटके | Monday ke Totke | somvar ke upay | somwar ke totke

मंगलवार के टोटके | Tuesday ke Totke | mangalvar ke upay | mangalwar ke totke

बुधवार के टोटके | Wednesday ke Totke | budhvar ke upay | budhwar ke totke

गुरुवार के टोटके | Thursday ke Totke | guruvar ke upay | guruwar ke totke

शुक्रवार के टोटके | Friday ke Totke | shakravar ke upay | shakrawar ke totke

शनिवार के टोटके | Saturday ke Totke | shanivar ke upay | shaniwar ke totke

रविवार के टोटके | Sunday ke Totke | ravivar ke upay | raviwar ke totke

Hindi News अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Latest Hindi News App

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.