नई दिल्ली: Happy raksha Bndhan 2020- हर साल की तरह सावन मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन त्‍योहार मनाया जाता है। इस दिन के बहन अपने भाई कोे राखी के धागे को कवच सा शक्तिशाली के रुप में बनी कच्चे सूत, रंगीन कलावे और रेशमी धागे से निर्मित राखी को बांधती है। बता दे कि इस साल रक्षाबंधन 3 अगस्‍त को पड़ रहा है और इसी दिन सावन का समापन और आखिरी सोमवार भी पड़ रहा है। ज्योतिषियों के मुताबिक इस साल के रक्षाबंधन पर 29 साल बाद शुभ संयोग पड़ रहा है। इस विशेष संयोग पर आइए जानते हैं इससे जुड़ी जानकारी के बारें में……

दुर्लभ संयोग का क्या महत्व- इस बार रक्षाबंधन का त्‍योहार सावन के आखिरी सोमवार को मनाया जाएगा। इसी दिन प्रीति योग, आयुष्मान योग और सर्वार्थ सिद्धि योग भी पड़ रहे हैं। वहीं दिन का आरंभ सर्वार्थ सिद्धि योग में होगा। ऐसा 29 साल बाद हो रहा है कि रक्षाबंधन सावन के आखिरी सोमवार को है और इतने सारे शुभ संयोगों के साथ मनाया जाएगा।

भद्रा के वजह से भी विशेष संयोग का असर- ज्‍योतिष के मुताबिक राखी बांधने के वक्‍त में भद्रा नहीं लगी होनी चाहिए। मान्‍यता है कि रावण की बहन ने भद्राकाल में ही उसे राखी बांधी थी और इसलिए उसका सर्वनाश हो गया। अच्‍छी बात यह है कि इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा केवल सुबह 9 बजकर 29 मिनट तक ही है। भद्रा सूर्यदेव की पुत्री कहलाती हैं, जो किसी भी कार्य के लिए शुभ नहीं मानी जातीं।

शुभ मुहूर्त
इस बार राखी का त्योहार सुबह 9 बजकर 30 मिनट से शुरू हो जाएगा। दोपहर को 1 बजकर 35 मिनट से लेकर शाम 4 बजकर 35 मिनट तक बहुत ही अच्छा समय है। इसके बाद शाम को 7 बजकर 30 मिनट से लेकर रात 9.30 के बीच में बहुत अच्छा मुहूर्त है।

कोरोना महामारी में कैसे मनाएं रक्षाबंधन
दुनिया भर में कोरोना वायरस महामारी का असर हुआ ऐसे में कई त्योहार पर गंभीर डाला है। ऐसे में लोगों के लिए सोशल ड़िस्टेडिगं का पालन करना जरुरी है। वही ज्यादा संभावना है कि रक्षाबंधन मनाने के लिए बहुत से भाई-बहन इस त्‍योहार पर न मिल पाएं। ज्‍योतिष के मुताबिक, ऐसे में बहनें भगवान कृष्‍ण को अपना भाई मानकर उन्‍हें राखी भेंट कर सकती हैं। इसके लिए आपको स्‍नान के बाद भगवान कृष्‍ण की तस्‍वीर के सामने राखी रख देनी चाहिए और प्रार्थना करनी चाहिए कि हे ईश्‍वर आप हमारी रक्षा करें।