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इस योजना के पूरी तरह अस्तित्‍व में आ जाने के बाद देश के गरीब तबके के स्‍वास्‍थ्‍य की जिम्‍मेदारी सरकार के कंधों पर आ जाएगी

भारतीय जनता पार्टी के लिए 2019 के लोकसभा चुनावों की गेमचेंजर मानी जा रही केंद्र सरकार की आयुष्‍मान भारत योजना जिसे राजनीतिक हलकों में मोदी केयर के नाम से भी पुकारा जा रहा है, उसके दायरे में देश के करीब 55 करोड़ लोग आएंगे। केंद्र सरकार ने इस योजना के दायरे में 10.74 करोड़ परिवारों को लाने का लक्ष्‍य रखा है। इस योजना के पूरी तरह अस्तित्‍व में आ जाने के बाद देश के गरीब तबके के स्‍वास्‍थ्‍य की जिम्‍मेदारी सरकार के कंधों पर आ जाएगी। जाहिर है कि सरकार इस योजना के राजनीतिक महत्‍व को भली भांति समझती है इसलिए अगले महीने से इसे लागू करने की तैयारी जोर-शोर से जारी है। सोमवार 27 अगस्‍त को इसी कड़ी में केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री जे पी नड्डा ने योजना के बारे में लोगों को जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने कहा, ‘29 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने इस योजना को लागू करने के सहमति पत्र पर दस्तखत कर दिए हैं और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन पर काम शुरू कर दिया गया है। पायलट आधार पर 16 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में इसे शुरू किया गया है। योजना 25 सितंबर को पूर्ण रूप से लागू होने से पहले अन्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेश इसे पायलट आधार पर शुरू करेंगे।’

दिल्‍ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि योजना के तहत स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ों की सुरक्षा और उसके भंडारण को लेकर ऐसी व्यवस्था की गई है जिससे संबंधित व्यक्ति की मंजूरी के बिना साझा नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना के तहत लाभार्थी के रूप में व्यक्ति की पहचान के साथ उसे एक कार्ड जारी किया जाएगा ताकि वह सालाना पांच लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा का लाभ ले सके। प्रधानमंत्री जन आरोग्य अभियान (आयुष्मान भारत योजना) पूरे देश में 25 सितंबर को शुरू किया जाएगा। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के बीच इस मामले में सोमवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इसके तहत एक लाख आरोग्य मित्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। आरोग्य मित्र योजना के तहत लाभार्थियों की पहचान में मदद करेंगे।

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