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कहीं आप भी तो इस दिशा में पैर करके नहीं सोते, हो सकता है भारी नुकसान

हम में से ज्यादातर लोग दिन भर में इतना थक जाते हैं कि रात को बेड पर लेटते ही नींद आ जाती है। कई लोगों को तो यह भी ध्यान नहीं होता कि वे बेड के किस साइड सो रहे हैं। हालांकि वास्तुशास्त्र के अनुसार आपको सोते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि आपके पैर किस दिशा में हैं। आमतौर पर जब हम घूमने जाते हैं तो होटल्स के रूम वास्तु के हिसाब से नहीं बनाए गए होते। ऐसे में आपको सोते समय यह ध्यान कर लेना चाहिए कि आपके पैर किस दिशा में रहेंगे।

वास्तुशास्त्र के अनुसार हर कार्य को करने के लिए उचित दिशा होती है। इसी तरह सोने के लिए भी उचित दिशा है। सोते समय कभी भी अपके पैर मुख्य द्वार की ओर नहीं होने चाहिए, क्योंकि इसे अपशगुन माना जाता है। अगर आप पैर को मुख्य द्वार की ओर रखकर सोते हैं, तो आज ही अपने बैड की दिशा बदल दें, या फिर सोने की दिशा बदल लें।

वास्तुशास्त्र के अनुसार पैर को मुख्य द्वार की ओर रखकर सोने का मतलब घर से बाहर जाने का संकेत है। इस तरह से केवल उस व्यक्ति को लिटाया जाता है, जिसकी मृत्यु हो गई हो। जीते जी आपको इस दिश में पैर करके कभी नहीं सोना चाहिए।

वास्तुशास्त्र के अनुसार इस दिशा में पैर करके सोने से आयु भी कम होती है और स्वास्थ्य भी खराब रहता है। सोने के लिए सबसे बेहतर दिशा पूर्व और उत्तर को माना जाता है। पूर्व की ओर सिर रखकर सोने से शरीर ऊर्जावान और स्वस्थ होता है। वहीं वास्तु शास्त्र में पूर्व और उत्तर को ऊर्जा का केंद्र भी माना जाता है। इसलिए जब आप इस ओर पैर करके सोते हैं तो आपके ऊर्जा का संचार होता है। अब जब भी सोएं अपने पैरों का ध्यान रखें कि वो किस दिशा में हैं।