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WC 2011 में विजयी छक्का लगाते समय Dhoni के मन में चल रहा था ये सब

भारत का विश्व कप जीतने का सपना सच करने वाले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कुछ समय पहले एक स्कूल में स्टूडेंट्स को बताया था कि विश्व कप हाथ में उठाने पर उन्हें कैसा महसूस हो रहा था। यह हम सब जानते हैं कि धोनी मैदान पर भी अपने इमोशंस नहीं दिखाते, लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि वे कुछ महसूस भी नहीं करते।
 धोनी ने एक छात्रा के सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘जब हम विश्व कप जीत उस पल मैं बहुत रिलीफ फील कर रहा था। इसके पीछे की कहानी भी मैं आपको बताता हूं। विश्व कप भारत में खेला जा रहा था। जब भी हम लोग एयरपोर्ट पर होते या किसी होटल में जाते तो हर कोई हमसे एक ही बात कहता आपको यह विश्व कप जीतना ही है। उन पूरे दो महीनों में हमने इसके अलावा कोई दूसरी बात नहीं सुनी।’
 धोनी ने आगे बताया, ‘बेस्ट पार्ट था जब हम पाकिस्तान के साथ मैच खेलने मोहाली जा रहे थे। हमारा विमान लैंड किया और हम लोग एयरपोर्ट से बाहर निकल कर अपनी बस की तरफ जा रहे थे। तभी वहां एक सीआईएसएफ का जवान खड़ा था। उसने हिंदी में कहा – सर इनसे तो जीतना ही है। फाइनल हार भी जाएं तो परवाह नहीं, इनसे जीतना है।
हम मैच जीतकर फाइनल खेलने के लिए मुंबई की फ्लाइट पकडऩे के लिए एयरपोर्ट लौटे। वहां किस्मत से वही सीआईएसएफ जवान फिर गेट पर खड़ा हुआ मिला। इस बार उसने कहा – सर फाइनल तो जीतना है। मैंने पूछा कि आप तो उस दिन बोल रहे थे कि सिर्फ पाकिस्तान से जीतना है फाइनल हार भी जाए तो कोई फर्क नहीं पड़ता, तो उसने कहा कि सर यहां तक पहुंच कर फाइनल हार गए तो क्या फायदा।’

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