US Iran Conflict: एक बार उम्मीद जरूर जगी थी कि अमेरिका और ईरान के बीच सबकुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन अब इसका पर पूरी तरह से पानी फिर चुका है. अमेरिकी सेना ने ईरान पर एक बार फिर से बड़े हवाई हमले शुरू कर दिए हैं. बुधवार की रात अमेरिकी वायु सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं.
रातभर चले इन हमलों में उन ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिन्हें अमेरिकी सेना अपने सैनिकों और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा मान रही थी. समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम नहीं उजागर करने की शर्त पर बताया कि अमेरिकी सेना ने कई ईरानी ड्रोन को मार गिराने का काम किया है. जिन्हें पूरी तरह से संभावित खतरा माना जा रहा था.
होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर बढ़ी तनातनी
काफी दिनों से होर्मुज जलडमरूमध्य में तनातनी का माहौल बना हुआ है. अमेरिकी कार्रवाई मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की गतिविधियों को लेकर की गई. यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है. अमेरिका के मुताबिक, ईरानी सैन्य गतिविधियां और ड्रोन मूवमेंट वहां से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों और अमेरिकी बलों के लिए खतरा बन रहे थे.
करीब 90 दिन से जारी है युद्ध
अमेरिका और ईरान के बीच बीते तीन महीनों से लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है. इस युद्ध की शुरुआत में 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद हुई थी. इस संघर्ष में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है. वैश्विक ऊर्जा बाजार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है. युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और ऊर्जा के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिली है.
शांति वार्ता के बीच हुई नई कार्रवाई
यह नए हमले ऐसे समय में हुए जब दोनों पक्षों के बीच युद्ध करने को लेकर बातचीत चल रही है. ईरानी सरकारी मीडिया में दावा किया गया था कि संभावित शांति समझौते के तहत ईरान और ओमान मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग संचालन संभालने का काम कर सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दावे को खारिज कर दिया. ट्रंप ने साफ कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहेगा और वहां अंतरराष्ट्रीय आवाजाही जारी रहेगी.