Cockroach People’s Party: कुछ ही घंटों में देशभर में सबसे ज्यादा फॉलोवर्स इकट्ठा करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी अभी भी सुर्खियों में बनी हुई है. शुक्रवार को इस पार्टी को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने अभिजीत दीपके की अगुवाई वाली कॉकरोच जनता पार्टी के सोशल मीडिया एक्स अकाउंट को तुरंत बहाल करने का निर्देश देने से मना कर दिया है.
दीपके की याचिका पर जस्टिस पुरुषैन्द्र कुमार कौरव ने सुनवाई की. कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े युवाओं व अन्य लोगों के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है. हालांकि, इस पार्टी का मतलब किसी चुनावी अभियान में हिस्सा लेने से नहीं है.
कोर्ट से लगा बड़ा झटका
कॉकरोच जनता पार्टी को दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान बड़ा झटका दिया. आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे दीपके ने 15 मई को एक वकील के सीनियर पद से संबंधित याचिका की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत की ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ टिप्पणियों पर विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत की थी.
कुछ ही घंटों में पार्टी से जुड़ने वालों का तांता लगने लगा. सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म एक्स पर तो जनता पार्टी को 21 मई को ही ब्लॉक कर दिया गया था. फिर ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से नए हैंडल बनाया गया था, जिसके मौजूदा समय में 2.27 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं. यह कैंपेन अपने अनोखे प्रतीकों और डिजिटल अभियान की पॉलिसी की वजह से चर्चा का विषय बना हुआ है.
विरोध के रूप में पार्टी का नाम रखा था कॉकरोच से जोड़ा
क्या आपको पता है कि समर्थकों ने कॉकरोच पहचान को विरोध के पर दिखाने का काम किया था. 16 मई को शुरू हुई सीजेपी का दावा है कि उसका मकसद युवाओं की आवाज को मजबूत करने और सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए युवाओं के लिए एक स्वतंत्र आंदोलन खड़ा करना है. हाल में इसने शिक्षा क्षेत्र में कथित सिस्टम की नाकामी और नीट-यूजी 2026 पेपर ‘लीक’ को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए एक अभियान शुरू किया है.