Gold Loan: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते मिडिल ईस्ट में इन दिनों अस्थिरता का दौर देखने को मिल रहा है. इसकी वजह से कच्चा तेल ही नहीं ज्वेलरी व अन्य पदार्थों को भी दाम बढ़ते जा रहे हैं. मिडिल ईस्ट में तनाव की वजह से ही सर्राफा बाजार काफी ऊपर-नीचे हो रहा है. भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने तो सोना-चांदी की खरीदारी करने से दूरी बनाने की अपील कर दी है.
दूसरी तरफ लोगों ने बढ़ती कीमतों के चलते एक तोड़ निकाल लिया है. अब लोग सोने को इन्वेस्टमेंट की तरह यूज करते हुए गोल्ड लोन पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर दिया है. अब यह कारोबार वित्तीय वर्ष 2026 में और भी तेजी से बढ़ता हुआ दिख रहा है. कुल मिलाकर गोल्ड लोन में काफी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.
गोल्ड लोन में बंपर इजाफा
अब लोगों ने गोल्ड लोन लेने पर ध्यान केंद्रित कर दिया है. एक रिपोर्ट की मानें तो वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में नए गोल्ड लोन लेने वालों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है. ये 115% बढ़कर 7.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया. कुल गोल्ड लोन AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) 47% बढ़कर 11.9 लाख करोड़ रुपये तक हो गया है.
मार्केट को देखते हुए ये भी मान सकते हैं कि FY26 में गोल्ड लोन सबसे तेजी से बढ़ने वाला सिक्योर्ड लोन सेक्टर बन चुका है. इसकी बड़ी वजह ये है कि लोगों को गोल्ड लोन में कम कागजी कार्रवाई करनी पड़ती है और जल्दी पैसा मिल जाता है.
लोन की राशि में जबरदस्त बढ़ोतरी
एकरिपोर्ट के अनुसार, गोल्ड लोन का औसत साइज भी तेजी से बढ़ा है. वित्त साल 2024 में लोग औसतन 1 लाख रुपये का गोल्ड लोन ले रहे थे, लेकिन वित्त वर्ष 2026 में ये बढ़कर 1.7 लाख रुपये हो गया. होम लोन अभी भी सबसे बड़ी लोन कैटेगरी बना हुआ है, जिसका औसत साइज करीब 33.5 लाख रुपये है. लेकिन तेजी से बढ़ने के मामले में गोल्ड लोन सबसे आगे निकल गया है.
जानिए क्यों बढ़ रही गोल्ड लोन की डिमांड
जानकारी के लिए बता दें कि गोल्ड की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. ऐसे में गोल्ड लोन लेना लोगों को फायदेमंद लग रहा है. रिकॉर्डतोड़ सोने के दाम में बढ़ोतरी को देखते हुए लोग इससे डबल कमाई करने का काम कर रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर RBI ने अनसिक्योर्ड लोन पर सख्ती बढ़ाई है, जिससे लोग सिक्योर्ड लोन की ओर बढ़ रहे हैं. ऐसे में लोग अब पर्सनल लोन लेने से ज्यादा गोल्ड लोन लेने में जुटे हुए हैं.