8th pay commission New Formula: अब सभी केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के चेहरे पर एक बात है कि कब तक उनके लिए 8वें वेतन आयोग को लागू किया जाएगा. आयोग देशभर के तमाम राज्यों और शहरों में बैठक कर समीक्षा कर रहा है. उम्मीद है कि सरकार साल 2027 के मध्य बाद नया वेतन आयोग लागू कर सकती है, जिससे सैलरी में रिकॉर्डतोड़ इजाफा होने की संभावना है.
सैलरी बढ़ने का पैमाना फिटमेंट फैक्टर ही होगा. 7वें वेतन आयोग में भी फिटमेंट फैक्टर के आधार पर ही सैलरी में बढ़ोतरी की गई. उम्मीद है कि न्यूनतम बेसिक सैलरी छलांग के बाद सीधे 69000 रुपये तक पहुंच सकती है. ऐसा हुआ तो फिर कर्मचारियों की किस्मत चमकनी तय है. 8वें वेतन आयोग से जुड़ी जरूरी बातें नीचे आर्टिकल में जान सकते हैं.
कर्मचारी की न्यूनतम सैलरी होगी 69000 रुपये
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा तोहफा मिलने वाला है. NC-JCM द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में साफ कहा गया है कि अगर 5 यूनिट के परिवार के हिसाब से खाने, रहने, इलाज, ट्रांसपोर्ट और बच्चों की पढ़ाई का खर्च जोड़ा जाए, तो न्यूनतम जरूरी खर्च बहुत ज्यादा बढ़ जाता है.
69000 रुपये की बेसिक पे: इस 5 यूनिट के फॉर्मूले के आधार पर स्टाफ साइड ने गणना की है कि कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 69000 रुपये होनी जरूरी है, जो वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत 18000 है. 7वें वेतन आयोग के मुकाबले न्यूनतम वेतन में करीब 51000 रुपये तक का इजाफा देखने को मिल सकता है.
कितने परिवारों को होगा फायदा
केंद्र सरकार के अनुसार, 8वें वेतन आयोग इस फॉर्मूले और घरेलू खर्च के नए अनुमानों पर सहमत रहता है. इसका प्रभाव सिर्फ बेसिक पे पर नहीं, बल्कि फिटमेंट फैक्टर, सभी तरह के भत्ते, ग्रेच्युटी, पेंशन और कुल सैलरी कैलकुलेश पर पड़ने वाला है. 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा पिछले साल 3 नवंबर 2025 को की गई थी.
सामान्य तौर पर भारत में हर 10 साल में एक नया वेतन आयोग आता है. इस बार आयोग की सिफारिशें लागू होने से केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों सहित 1.1 करोड़ से अधिक लाभार्थियों और उनके परिवारों को सीधा बंपर फायदा मिलने की पूरी संभावना है.