प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत आर्थिक सहायता पाने वाले करोड़ों किसानों की नजर अब 22वीं किस्त पर टिकी हुई है। केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को नियमित वित्तीय सहयोग देना है, ताकि वे खेती से जुड़े खर्चों को सुचारु रूप से पूरा कर सकें।
योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की राशि दी जाती है। यह रकम 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी प्रणाली के माध्यम से भेजी जाती है।
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22वीं किस्त की संभावित तारीख
अब तक सरकार ने 22वीं किस्त की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। वैसे बता दें कि पिछली यानी 21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी की गई थी। इस हिसाब से अनुमान लगाया जा रहा है कि अगली किस्त फरवरी के अंत सफ्ताह मार्च 2026 के दौरान किसानों के खातों में पहुंच सकती है। हालांकि आखिरी फैसला सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद होगा।
वहीं किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और सिर्फ आधिकारिक पोर्टल या ऑथोराइज़्ड जानकारी पर भरोसा करें।
फार्मर आईडी को लेकर नए नियम
सरकार ने कुछ राज्यों में किसान रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू की है। जिन 14 राज्यों में यह व्यवस्था लागू हो चुकी है, वहां पीएम किसान योजना में नए रजिस्ट्रेशन के लिए फार्मर आईडी जरूरी कर दी गई है। इन राज्यों में आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश शामिल हैं।
यह नियम सिर्फ नए आवेदकों पर लागू है। पहले से रजिस्टर्ड और लाभ ले रहे किसानों को फिलहाल अलग से फार्मर आईडी बनाने की जरूरत नहीं है, जब तक कि राज्य सरकार की ओर से खास निर्देश न दिए जाएं। जिन राज्यों में किसान रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, वहां बिना फार्मर आईडी के भी रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है।
eKYC करना है जरूरी
योजना का लाभ जारी रखने के लिए eKYC पूरा करना जरूरी है। सभी रजिस्टर्ड किसानों को अपनी पहचान सत्यापन प्रक्रिया समय पर पूरी करनी होगी। आधिकारिक पोर्टल पर ओटीपी आधारित eKYC की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर बायोमेट्रिक eKYC भी करा सकते हैं।
अगर eKYC अधूरी रहती है, तो अगली किस्त रोकी जा सकती है। ऐसे में किसानों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपना सत्यापन पूरा करें और बैंक खाते की जानकारी भी अपडेट रखें।
किन कारणों से रुक सकती है किस्त
सरकार समय-समय पर लाभार्थियों का सत्यापन करती है ताकि योजना का लाभ सिर्फ पात्र किसानों तक पहुंचे। कुछ मामलों में अगली किस्त रोकी जा सकती है। उदाहरण के लिए, अगर किसी किसान ने 1 फरवरी 2019 के बाद जमीन खरीदी है या एक ही परिवार के एक से ज्यादा सदस्य योजना का लाभ ले रहे हैं, तो भुगतान अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।
ऐसे मामलों में भौतिक सत्यापन या दस्तावेज जांच पूरी होने के बाद ही राशि जारी की जाती है। इसलिए पात्रता नियमों को समझना और सही जानकारी देना बेहद जरूरी है।

कैसे जांचें अपना स्टेटस
किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना लाभार्थी स्टेटस देख सकते हैं। ‘Know Your Status’ या ‘Beneficiary Status’ विकल्प के जरिए वे यह पता लगा सकते हैं कि उनकी किस्त स्वीकृत हुई है या किसी कारण से लंबित है। अगर कोई त्रुटि मिलती है तो उसे तुरंत सुधारना चाहिए।