नई दिल्ली: दिल्ली के रोहिणी (Rohini) में नशे का जाल बुनने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। स्कूलों के आसपास की 87 दुकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। दुकानदार खुलेआम तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट और गुटखा बेच रहे थे। पुलिस की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। मासूम बच्चे खोखे और पान की दुकानों से बेहिचक तंबाकू उत्पाद खरीद रहे थे। पुलिस की टीम ने स्कूल परिसर के 100 गज के दायरे में चल रही दुकानों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए।

चालान काटे गए

दुकानदार बच्चों को उधार में बीड़ी और सिगरेट दे रहे थे। उधार देने का मकसद बच्चों को नशे का आदी बनाना था। 16 मार्च को पुलिस ने नशा मुक्त भारत अभियान चलाया था। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ 87 दुकानों पर छापेमारी की गई। 58 दुकानदारों के खिलाफ कोटपा एक्ट के तहत चालान काटे गए। कुछ दुकानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो चुकी है। दुकानों से प्रतिबंधित गुटखा और बिना लाइसेंस वाले तंबाकू उत्पाद भी बरामद किए गए। दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को ‘नशा मुक्त’ बनाने के अभियान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ का हिस्सा है।

कार्रवाई से बच्चे सुरक्षित रहेंगे

उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा के नेतृत्व में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। छापेमारी से इलाके में हड़कंप मच गया है। अभिभावकों और शिक्षकों ने राहत की सांस ली है। प्रिंसिपल ने कहा कि स्कूल के बाहर बच्चों को जहर मिल रहा था। अब उम्मीद है कि पुलिस की कार्रवाई से बच्चे सुरक्षित रहेंगे। रोहिणी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी अभी शुरू हुई है। आने वाले समय में और भी छापेमारी की जाएगी। पुलिस ने स्कूल परिसर से 100 गज की दूरी पर गुटखा, बीड़ी, पान और सिगरेट की दुकानें चलाने की अनुमति दे दी है।

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