भारतीय शेयर बाजार मची खलबली, कारोबार में लाल निशान में था, कुछ समय तक रहेगी जारी

नई दिल्ली: मंगलवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार (Indian stock market) हरे निशान में खुले। बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिल रही है। सुबह 9:42 बजे सेंसेक्स 982 अंक यानी 1.34 फीसदी की तेजी के साथ 74,120 पर और निफ्टी 303 अंक यानी 1.37 फीसदी की तेजी के साथ 22,465 पर था। इस तेजी की अगुआई सरकारी बैंकिंग और आईटी शेयर कर रहे हैं। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 2.2 फीसदी और निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.80 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था।

- Advertisement -

कारोबार कर रहा था

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 732 अंक या 1.50 प्रतिशत बढ़कर 49,563 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 285 अंक या 1.89 प्रतिशत बढ़कर 15,352 पर कारोबार कर रहा था। लगभग सभी इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। पीएसयू बैंक और आईटी के अलावा मेटल, रियल्टी, एनर्जी, प्राइवेट बैंक और इंफ्रा सबसे ज्यादा लाभ में रहे। टाइटन, अडानी पोर्ट्स, टाटा मोटर्स, बजाज फिनसर्व, एसबीआई, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, इंडसइंड बैंक, जोमैटो, बजाज फाइनेंस और एनटीपीसी सबसे ज्यादा लाभ में रहे।

खतरा बढ़ गया है

टीसीएस एकमात्र ऐसा शेयर था जो शुरुआती कारोबार में लाल निशान में था। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा, “दुनिया भर के बाजारों में जो अनिश्चितता और अस्थिरता व्याप्त है, वह अभी कुछ और समय तक जारी रहेगी। वैश्विक उथल-पुथल से कुछ महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आए हैं। पहला, व्यापार युद्ध अमेरिका और चीन तक सीमित रहने वाला है। यूरोपीय संघ और जापान समेत अन्य देशों ने बातचीत का विकल्प चुना है। भारत ने पहले ही अमेरिका के साथ बीटीए पर बातचीत शुरू कर दी है। दूसरा, अमेरिका में मंदी का खतरा बढ़ गया है।

- Advertisement -

इंतजार करना चाहिए

तीसरा, चीन की अर्थव्यवस्था सबसे ज्यादा प्रभावित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को इंतजार करना चाहिए, क्योंकि स्पष्टता आने में समय लगेगा। प्रमुख एशियाई बाजारों में खरीदारी देखने को मिली। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और सियोल हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। मंदी की आशंका के चलते सोमवार को अमेरिकी बाजार नकारात्मक बंद हुए। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) 7 अप्रैल को लगातार छठे सत्र में शुद्ध विक्रेता बने रहे और उन्होंने 9,040 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) शुद्ध खरीदार बने रहे और उन्होंने 1,000 करोड़ रुपये का निवेश किया। 12,122 करोड़ इक्विटी में।

ये भी पढ़ें: किसान कर रहे बेसब्री से इस का इंतजार, PM के तरफ से नहीं आया सिंगल, उम्मीद जा रही जताई

- Advertisement -
Zohaib Naseem
I am an experienced anchor, producer, and content writer with a strong background in the media industry. Having worked with national channels, I bring a deep understanding of creating engaging and impactful content. My creative approach and professional expertise have helped me establish a solid reputation in the field of broadcasting and media production.

For you

शादी से पहले लड़के और लड़की को एक कमरे में कर देते बंद, फिर होता है कुछ ऐसा, पढ़ें यहां

नई दिल्ली: आजकल शादियाँ (Marriage) जितनी भव्य होती जा रही...

Bank Holidays: बैंक कब-कब बंद रहेंगे, देखें छुट्टियों की लिस्ट

नई दिल्ली: अगले कुछ दिनों यानी अप्रैल में बैंक (Bank)...

Smart Investment Plan: इतने कम पैसे में आप महीने निवेश करें और बने करोड़पति

नई दिल्ली: नौकरी के दौरान नियमित आय होने से खर्चों...

Topics

Related Articles

Popular Topics