नई दिल्ली – अक्सर हमने सुना है कि अंडे में प्रोटीन का मात्रा बहुत ज्यादा होता है और बच्चों के पेट और इम्यून सिस्टम बहुत ज्यादा नाजुक होता है।। ऐसे में नए-नए पोषक तत्व खाने से कई बार उन्हें बीमार कर सकती हैय़ अंडा प्रोटीन और फैट का बहुत अच्छा शोर्स माना जाता है। बचपन में इसका सेवन सेहतमंद होता है लेकिन हाई प्रोटीन के कारण बच्चे को अंडे से एलर्जी होने की संभावनाएं भी ज्यादा रहती है।

अंडा एलर्जी बच्चों में कभी-कभी देर से पता चलता है जिसके कारण एलर्जी के वजह समझने में समय लग जाता है। माता-पिता को एलर्जी हो या मां अंडे का सेवन करके दूध पिलाए तो भी शिशु मैं इसके खतरा होने का संभावना रहता है। आइए जानते हैं बच्चों में इन लक्षणों से एलर्जी की पहचान की जा सकती है

एक्सपर्ट के मुताबिक आंखों का लाल पड़ना, बुखार आना, नाक बहना, छोटी सांसे भरना और गले में सूजन होना, पेट में दर्द होना, डायरिया उल्टी की समस्या, स्किन पर रेसेज होना, हार्ट पल्स रेट धीमी या तेज होना, यह लक्षण दिखने पर बच्चों को डॉक्टर को जरूर दिखाएं नहीं तो यह एलर्जी बच्चों में दूसरी एलर्जी और अस्थमा का कारण बन सकती है।

एलर्जी होने पर नीचे दिए गए बच्चे को राहत मिल सकती है। बच्चों को एलर्जी होने पर समय पर डॉक्टर को दिखाएं एलर्जी में एंटीहिस्टामाइन और एपिनेफ्रीन अपने जैसी दवाइयां देते हैं। जिससे परेशानी जल्दी ठीक होती है। बच्चों को एलर्जी के लिए वैकेसीन भी लगवा सकते हैं। जरूरत और बच्चों की हेल्थ के हिसाब से डॉक्टर रूबेला वैक्सीन लगाते हैं। बच्चों के सेहत का ध्यान रखें और प्रोटीन वाले किसी भी फूड आइटम बच्चे को ज्यादा ना खिलाएं । इसमें अंडे का थोड़ा-थोड़ा देकर बच्चे को अंडे का आदत लगाएं जिससे एलर्जी की समस्या खत्म हो सके।


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