लखनऊ: उत्तर प्रदेश के संभल (Sambhal) में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने हिंसा के आरोपी संभल के सांसद जियाउर्रहमान बर्क को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है. मंगलवार रात को संभल पुलिस और दिल्ली पुलिस की टीम गेस्ट हाउस पहुंची और जियाउर्रहमान बर्क को नोटिस थमाया. बर्क को 8 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया गया है. आपको बता दें कि घर पर निर्माण के मामले में संभल सांसद को 15वीं बार 5 अप्रैल को घर के नक्शे और जरूरी दस्तावेजों के साथ बुलाया गया है. संभल हिंसा मामले में बर्क के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, लेकिन वह अब तक एक बार भी एसआईटी के सामने पेश नहीं हुए हैं.

पूछताछ करना चाहती है

अब तक जांच में शामिल होने से बच रहे जियाउर्रहमान अब आठ अप्रैल को एसआईटी के समक्ष पेश होकर जांच में शामिल होंगे। मंगलवार रात को संभल पुलिस और दिल्ली पुलिस की टीम वेस्टर्न कोर्ट गेस्ट हाउस के कमरा नंबर 39 में पहुंची। संसद सत्र के चलते बर्क यहीं ठहरे हुए हैं। एसआईटी टीम ने यहां जियाउर्रहमान बर्क को नोटिस थमाया। पुलिस ने सांसद जियाउर्रहमान बर्क को बीएनएस की धारा 35/3 के तहत यह नोटिस दिया है। पुलिस बर्क से संभल हिंसा के बारे में पूछताछ करना चाहती है और इसके लिए उन्हें धारा 41 के तहत यह नोटिस दिया गया।

संभल में हिंसा भड़काने के आरोप में सदर जफर अली को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को बर्क की भूमिका पर भी संदेह है। बर्क 24 नवंबर को हुए दंगों में नामजद आरोपी है। बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल हिंसा मामले में सांसद जियाउर्रहमान बर्क की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है, हालांकि सांसद के खिलाफ दर्ज एफआईआर अभी रद्द नहीं हुई है। यही वजह है कि एसआईटी सांसद पर शिकंजा कस रही है।

नोटिस दिया जा चुका

आपको बता दें कि इससे पहले मंगलवार को एसआईटी की टीम नोटिस लेकर बर्क के संभल स्थित घर पहुंची थी, लेकिन परिजनों को वहां कोई नहीं मिला, जिसके बाद टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। संभल दंगे में नाम आने के बाद से जियाउर्रहमान बर्क ने संभल से दूरी बना ली है और वह लगातार दिल्ली में रह रहे हैं। वहीं उनके परिजनों का कहना है कि उनकी मां की तबीयत खराब है, इसलिए वह दिल्ली में हैं। दूसरी ओर, मकान में कराए गए निर्माण को लेकर जियाउर्रहमान बर्क को अब तक 3 बार नोटिस दिया जा चुका है। साथ ही 5 दिसंबर से अब तक उन्हें 14 बार दस्तावेज जमा कराने के लिए बुलाया जा चुका है।

मकान पर भी कार्रवाई हो सकती

अब 5 अप्रैल को उन्हें 15वीं बार बुलाया गया है, ताकि वह समय रहते मकान का नक्शा और अन्य विवरण जमा करा सकें, लेकिन अभी तक बर्क की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। बर्क द्वारा मकान में कराया गया निर्माण डेढ़ से दो साल पुराना है। बताया जा रहा है कि नया निर्माण बिना नक्शा स्वीकृत कराए ही कराया गया है। संभल हिंसा मामले में पुलिस अब तक 81 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस मामले में पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ाया जा रहा है।

अगर जांच के दौरान पुलिस को दंगों में बर्क की भूमिका के सबूत मिलते हैं तो संभल सांसद की मुश्किलें बढ़नी तय हैं। वहीं नगर पालिका की टीम ने बर्क के घर और बाहर की नापजोख की है। भवन विनियमन अधिनियम के अनुसार अगर जियाउर्रहमान बर्क की ओर से जल्द ही दस्तावेज जमा नहीं किए गए तो मकान पर भी कार्रवाई हो सकती है।

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