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सरकार की ये स्कीम बुजुर्गों के लिए बन रही है वरदान, रिटायरमेंट के बाद भी कराएगी कमाई, जानें डिटेल

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Key Takeaways
  • SCSS: नौकरी के दौरान हर महीने सैलरी आती रहती है, लेकिन रिटायरमेंट के बाद इनकम का सोर्स लिमिटेड हो जाता है। इसी जरूरत को ध्यान
senior citizen saving scheme

SCSS: नौकरी के दौरान हर महीने सैलरी आती रहती है, लेकिन रिटायरमेंट के बाद इनकम का सोर्स लिमिटेड हो जाता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम की शुरुआत की थी। यह योजना विशेष रूप से 60 साल या उससे अधिक उम्र के नागरिकों के लिए तैयार की गई है, ताकि उन्हें सुरक्षित निवेश के साथ नियमित इनकम मिल सके।

क्या है सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम?

सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम एक सरकारी बचत योजना है, जिसका मकसद रिटायर्ड लोगों को स्थिर और अनुमानित आय उपलब्ध कराना है। इस योजना में एकमुश्त राशि जमा की जाती है और उस पर तय ब्याज दर के अनुसार हर तीन महीने में ब्याज खाते में जमा होता है। यह तिमाही भुगतान पेंशन जैसी नियमित इनकम का अनुभव देता है।

कौन ले सकता है योजना का लाभ?

इस योजना में 60 साल या उससे अधिक आयु के व्यक्ति निवेश कर सकते हैं। कुछ विशेष परिस्थितियों में 55 से 60 वर्ष के बीच के वे लोग भी पात्र हो सकते हैं, जिन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली हो। खाता व्यक्तिगत रूप से या जीवनसाथी के साथ संयुक्त रूप से खोला जा सकता है, लेकिन संयुक्त खाते में प्राथमिक धारक वरिष्ठ नागरिक ही होना चाहिए।

निवेश की सीमा और तरीका

इस योजना में न्यूनतम निवेश 1000 रुपये से शुरू होता है और अधिकतम सीमा 30 लाख रुपये है। राशि 1000 रुपये के गुणांक में जमा की जाती है। निवेश एकमुश्त करना जरूरी  है, किस्तों में राशि स्वीकार नहीं की जाती। पति और पत्नी अगर अलग-अलग खाते खोलते हैं तो दोनों मिलकर 60 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं। एक लाख रुपये तक नकद जमा की सुविधा है, जबकि इससे अधिक राशि के लिए चेक या बैंकिंग माध्यम आवश्यक है।

ब्याज दर और संभावित आय

फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की पहली तिमाही के लिए ब्याज दर 8.2 प्रतिशत सालाना तय की गई है। ब्याज का भुगतान हर तीन महीने में किया जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति 30 लाख रुपये निवेश करता है, तो उसे सालाना लगभग 2.46 लाख रुपये ब्याज के रूप में मिल सकते हैं। यह राशि तिमाही आधार पर मिलती है, जिससे औसतन लगभग 20,500 रुपये प्रतिमाह के बराबर आय बनती है। यह नियमित कैश फ्लो रिटायरमेंट के बाद खर्चों को संतुलित रखने में मदद करता है।

अवधि और विस्तार की सुविधा

योजना की मूल अवधि 5 साल है। परिपक्वता के बाद इसे तीन साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है। विस्तार के लिए मैच्योरिटी की तारीख से एक साल के भीतर आवेदन करना होता है। निवेश के समय तय की गई ब्याज दर पूरी अवधि के लिए स्थिर रहती है।

टैक्स लाभ और कर देनदारी

इस योजना में निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है। हालांकि, अर्जित ब्याज पूरी तरह कर योग्य होता है। अगर एक फाइनेंशियल ईयर में ब्याज 50,000 रुपये से अधिक हो जाता है तो टीडीएस कट सकता है। जरूरत पड़ने पर फॉर्म 15H या 15G जमा करके राहत ली जा सकती है। इसलिए निवेश से पहले टैक्स प्लानिंग पर ध्यान देना जरूरी है।

समय से पहले निकासी के नियम

जरूरत पड़ने पर खाता मैच्योरिटी से पहले बंद किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए दंड प्रावधान लागू होते हैं। एक साल से पहले बंद करने पर अर्जित ब्याज वापस लिया जा सकता है। एक से दो साल के बीच बंद करने पर जमा राशि का 1.5 प्रतिशत और दो साल के बाद 1 प्रतिशत की कटौती होती है। इसलिए निवेश करते समय अवधि का सही आकलन करना जरूरी है।

खाता खोलने की प्रक्रिया

यह खाता अधिकृत बैंकों और डाकघरों में खोला जा सकता है। आधार कार्ड, पैन कार्ड और आयु प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी होते हैं। निर्धारित फॉर्म भरकर और एकमुश्त राशि जमा करके खाता खोला जा सकता है। खाता देशभर में एक शाखा से दूसरी शाखा में स्थानांतरित भी किया जा सकता है।

किन लोगों के लिए बेहतर है ये स्कीम

यह योजना उन रिटायर्ड लोगों के लिए खासतौर पर उपयोगी है, जिनके पास पीएफ, ग्रेच्युटी या अन्य स्रोत से एकमुश्त राशि उपलब्ध है और जो कम जोखिम के साथ नियमित आय चाहते हैं। सुरक्षित रिटर्न और तय ब्याज दर इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है।

निवेश करते समय सावधानियां

पूरी रिटायरमेंट बचत को केवल एक ही योजना में लगाना उचित नहीं माना जाता। टैक्स देनदारी को नजरअंदाज करना भी गलत हो सकता है। साथ ही, इमरजेंसी जरूरतों के लिए अलग फंड बनाए रखना समझदारी भरा कदम है। संतुलित पोर्टफोलियो और सही वित्तीय सलाह के साथ यह योजना रिटायरमेंट जीवन को अधिक सुरक्षित बना सकती है।

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Rohit P

My name is Rohit Pal, and I have been working in the field of journalism for the past five years. During this time, I have written on a variety of topics, including business, automobiles, technology, and politics. I have worked with several major organizations and am currently working with Timesbull.