नई दिल्लीः अगर आप कर्जदार किसान हैं तो फिर अब किस्मत चमकने जा रही है. महाराष्ट्र सरकार की ओर से किसानों के लिए खजाने का पिटारा खुलने जा रहा है. गुरुवार को राज्य सरकार की कृषि माफी योजना के कार्यान्वयन के लिए निश्चित समयसीमा की घोषणा कर दी है. इसकी जानकारी अधिकारियों के हवाले से प्राप्त हुई है.
खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठकों के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बड़ा ऐलान किया है. सभी पात्र किसानों को 30 जून से पहले उनकी ऋणमाफी भी प्राप्त हो जाएगी. इस दौरान उन्होंने आगे कहा कि इस समयबद्ध कार्यान्वयन से किसानों के लिए आगामी कृषि और बैंकिंग संस्थानों दोनों के बीच काफी भ्रम की स्थिति भी पैदा हो गई थी.
जानिए क्या बोले सीएम देवेंद्र फडणवीस
विपभ की ओर से भी इस देरा का लाभ उठाते हुए राज्य प्रशासन की कड़ी आलोचना की थी. सीएम ने अनिश्चितता को समाप्त करते हुए 30 जून की समय सीमा से काफी पहले छूट को लागू करने की यह बड़ी घोषणा कर दी है. एक रिपोर्ट से जानकारी मिली कि जिला सहकारी बैंक और ग्रामीण बैंक मौजूदा समय में कृषि ऋणों का 67 फीसदी हिस्सा प्रदान करते हैं.
इस बात पर भी जोर दिया कि उन्हें 80 फसीदी वितरण लक्ष्यों को पूरा करने की जरूरत पड़ेगी. सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस पर जोर दिया कि राष्ट्रीयकृत बैंक अक्सर अपने कृषि ऋण को पूरा करने में असफल रहते हैं. इस बात पर जोर दिया कि उन्हें अपने 80 फीसदी वितरण लक्ष्यों को पूरा करना पड़ेगा.
फसल लोन को सिबिल स्कोर जरूरी नहीं
उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि बैंकिंग मुख्यालयों को प्रत्येक स्थानीय शाखा को स्पष्ट अधिसूचना पत्र जारी करना जरूरी है. इसमें स्पष्ट किया जाए कि फसल ऋण के लिए सिबिल स्कोर जरूरी नहीं है. भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया है. इस नियामक रुख की पुष्टि करते हुए आश्वासन दिया कि किसी भी किसान की फसल ऋण प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आ पाएगी.
जानिए क्या है सिबिल स्कोर?
राज्य सहकारिता विभाग की ओर से सिबिल स्कोर तीन अंकों की संख्या होती है. यह संख्या ही लोन में किसी व्यक्ति की छवि को दर्शाती है. इससे उधारदाताओं को यह समझने में मदद मिलती है कि आप ऋण के प्रति कितने जिम्मेदार हैं और आपका भुगतान व्यवहार कैसा है, लेकिन यह तीन अंकों का स्कोर कितना महत्वपूर्ण है? यह गाइड इसे विस्तार से समझाएगी.










