नई दिल्ली-जब छोटा बच्चा 6 महीने का पूरा हो जाता है तो डॉक्टर उन्हें हरी सब्जी हल्का-फुल्का अनाज और दाल का पानी पिलाने की सलाह देते हैं, ताकि बच्चे को भरपूर मात्रा में पोषक तत्व मिले साथ ही उनका पेट भरा रहे। जब भी छोटे बच्चे को खाना खिलाने की बात आती है अक्सर पेरेंट्स इस बात से परेशान रहते हैं कि आखिर उन्हें क्या खिलाए जिससे उन्हें पोषक तत्व मिले, साथ ही उनका पेट भी भरा रहे क्योंकि सही खानपान से बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास भी होता है एवं उनके बेहतर विकास के लिए पोषक तत्व, विटामिन, मिनरल, प्रोटीन जैसे तत्व बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। अगर आप भी अपने बच्चे के भोजन को लेकर परेशान हैं तो जुकिनी का डाइट अपने बच्चे को दे सकते हैं। आइए जानते हैं बच्चे को जुकिनी खिलाने के क्या फायदे हैं

जुकिनी में मौजूद विटामिन ए, बीटा कैरोटीन जैसे एंटी ऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं यह शरीर को फ्री रेडिकल से बचाते हैं, साथ ही शारीरिक विकास के लिए भी काफी महत्वपूर्ण होते हैं और अगर नियमित रूप से कोई जुकिनी का सेवन करता है तो उसे कई शारीरिक बीमारियों से बचने में सहायता मिलती है।

जुकिनी के स्वास्थ्य लाभ क्या हैं और बच्चों को जुकिनी कब देनी चाहिए

शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जुकिनी काफी महत्वपूर्ण और फायदेमंद होता है।

बच्चों को कोई भी सब्जी या ठोस भोजन देते वक्त ध्यान रखें कि वह इसे खा पा रहा है या नहीं, अगर आप 8 या 9 महीने के बच्चे को खिला रहे हैं तो इसे उबालकर उन्हें दें। आप चाहे तो जुकिनी शोरबा और सुप भी बच्चे को पिला सकते हैं। बच्चे को एक बार थोड़ी मात्रा में जुकिनी खिलाए और देखें कि कहीं उसे इसका साइड इफेक्ट तो नहीं हो रहा है, अगर बच्चे को किसी प्रकार का रिएक्शन नहीं होता है तो आप थोड़ी थोड़ी मात्रा में जुकिनी से बना भोजन बच्चे को दे सकते हैं।


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