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नई दिल्ली। Why are the milestones on the road of different colours- रोज सड़क पर ट्रैवल करते हुए आपको अलग-अलग रंग के माइलस्टोन (Milestones)किनारे लगे हुए दिखाई दिए होंगे। लेकिन आपने कभी गौर किया है कि, रोड़ पर ऑरेंज, येलो, ब्लैक या ब्लू स्ट्रिप और ग्रीन कलर के माइलस्टोन (Milestones)लगे होते हैं। अगर आपने ऐसे Milestones देखें है तो क्या आपने इनके बारे में सोचा हैं कि, आखिर रोड़ के किनारे लगे हुए माइलस्टोन (Milestones) आखिर इतने सारे कलर के क्यों होते हैं।

एक रिपोर्ट के मुतबिक, भारत में कुल 58 लाख 98 हजार किलोमीटर सड़क का नेटवर्क हैं। जिसमें ग्रामीण सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और एक्सप्रेस वे सभी शामिल हैं। इन सभी रोड़ों पर सरकार जानकारी रखने के लिए अलग-अलग कलर के माइलस्टोन (Milestones) लगाती है। जिससे लोगों को यात्रा के दौरान पता रहे कि, आखिर वह ग्राीमड़ सड़क पर चल रहे है या एक्सप्रेसवे पर चल रहे है। आइए जानते हैं सभी माइलस्टोन (Milestones) के कलर के बारे में…

ऑरेंज रंग के माइलस्टोन (Milestones) – अगर आपको रोड़ के किनारे येलो रंग के माइलस्टोन (Milestones)लगे हुए मिलें तो समझ लीजिए आप Rural रोड़ पर चल रहे हैं। ये सड़क प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और जवाहरलाल नेहरू रोजगार योजना के तहत बनाई गई हैं। बता दें देश में 3 लाख 93 हजार ग्रामीण सड़क का नेटवर्क हैं। जिनसे देश के सभी ग्राम शहरों से जुड़ते हैं।

येलो रंग के माइलस्टोन (Milestones) – इस रंग के Milestones नेशनल हाईवे पर लगाए जाते हैं। अगर आपको रोड़ के किनारे येलो रंग के Milestones मिले तो आप समझले कि, आप नेशनल हाईवे पर चल रहे है। बता दें 2021 तक देश में कुल 1,51,019 किमी के नेशनल हाईवे का निर्माण किया जा चुका था।

ब्लैक और ब्लू स्ट्रीप के माइलस्टोन (Milestones) – अगर आपको रोड़ के किनारे ब्लैक और ब्लू कलर की स्ट्रीप वाले माइलस्टोन (Milestones) मिले तो आप समझ ले कि, आप शहर या जिले की रोड़ पर चल रहे हैं।आपको बता दें देश में 5 लाख 61 हजार 940 किमी शहरी रोड़ का नेटवर्क है।

ग्रीन कल के माइलस्टोन (Milestones) – इस तरह के माइलस्टोन (Milestones) राज्य के हाईवे पर लगाए जाते है। जो एक शहर को दूसरे शहर से जोड़ते हैं। 2016 के आंकड़ों के मुताबिक देश में 1 लाख 76 हजार 166 किमी के state highways का नेटवर्क था। वहीं आपको बता दें ब्रिटिश टाइम में नागपुर में Zero mile centre स्थापित किया गया था। जहां से सभी शहरों की दूरी की गणना की जाती है।

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