Home Hindi News अमेरिका-चीन की टैरिफ वॉर में हो गया बड़ा...
Hindi News

अमेरिका-चीन की टैरिफ वॉर में हो गया बड़ा खुलासा,आंकड़े देखकर उड़ जाएंगे आपके होश

A big revelation happened in the tariff war between America and China,you will be shocked to see the figures

नई दिल्ली: जब चीनी निर्यात पर टैरिफ ( Tariff ) बढ़ाए गए तो सभी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दोषी ठहराना शुरू कर दिया और कहा कि उनके इस फैसले ने बाजार में आग लगा दी है। हर जगह इस बात की चर्चा है कि अमेरिका ने टैरिफ कितना बढ़ा दिया है,अगर आप चीन की टैरिफ नीति पर गौर करें तो पाएंगे कि शी जिनपिंग अभी भी ट्रंप से 7 फीसदी ज्यादा टैरिफ वसूल रहे हैं। अमेरिका ने चीनी वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाकर 145 फीसदी कर दिया है,जबकि अमेरिकी निर्यात पर चीनी टैरिफ बढ़कर 151 फीसदी हो गया है। दोनों देशों के बीच टैरिफ युद्ध अप्रैल की शुरुआत में शुरू हुआ था,लेकिन उससे पहले अमेरिका सिर्फ 10 फीसदी टैरिफ लगा रहा था,जबकि चीन 67 फीसदी टैरिफ लगा रहा था।

अल्टीमेटम भी दिया

फिर जब अमेरिका ने टैरिफ बढ़ाना शुरू किया तो चीन भी पीछे नहीं रहा,उसने हर बार जवाबी टैरिफ लगाया। मतलब पहले तो वह पहले से 57 फीसदी ज्यादा टैरिफ लगा रहा था,जिसके जवाब में अमेरिका ने सिर्फ 34 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया था,यानी पहले के 10 फीसदी और 34 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ के बाद भी अमेरिका सिर्फ 44 फीसदी टैरिफ लगा रहा था। 2 अप्रैल को डोनाल्ड ट्रंप ने सभी देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की,जिसमें चीन पर 34% अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया। चीन ने भी जवाब में 34% अतिरिक्त टैरिफ लगाया। ट्रंप ने जिनपिंग को अतिरिक्त टैरिफ वापस लेने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया,लेकिन वे पीछे नहीं हटे। इसके बाद दोनों के बीच टैरिफ वॉर शुरू हो गई।

अब एक टैरिफ लगाता है तो दूसरा भी उतना ही टैरिफ लगाता है,लेकिन यहां समझने वाली बात यह है कि अतिरिक्त टैरिफ के बाद भी अमेरिका चीन से कम टैरिफ वसूल रहा है। चीन अमेरिका के अतिरिक्त टैरिफ के जवाब में टैरिफ बढ़ा रहा है,लेकिन पिछले कई सालों से वह काफी ज्यादा टैरिफ वसूल रहा था। 2 अप्रैल से पहले- चीन अमेरिकी सामान पर 67 फीसदी टैरिफ लगाता था,जबकि अमेरिका चीनी सामान पर 10 फीसदी टैरिफ लगाता था।

चीन की बराबरी करनी चाहिए

ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान कई बार चीन के ऊंचे टैरिफ का जिक्र किया था और कहा था कि चीन दशकों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लूट रहा है,इसलिए अमेरिका को भी चीन की बराबरी करनी चाहिए। 2 अप्रैल- 2 अप्रैल को अमेरिका ने लिबरेशन डे मनाया और अपने व्यापार घाटे को कम करने और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिए टैरिफ ड्यूटी लगाने की घोषणा की। ट्रंप ने इसे सभी देशों पर पारस्परिक टैरिफ बताया।

उन्होंने कहा कि ये देश पहले से ही अमेरिका से ज़्यादा टैरिफ लगा रहे हैं। हालांकि,उन्होंने कहा कि अमेरिका इस मामले में थोड़ी दया दिखाएगा और दूसरे देशों द्वारा लगाए जा रहे टैरिफ का आधा ही लगाएगा। उस समय तक चीन 67 प्रतिशत टैरिफ लगा रहा था,इसलिए ट्रंप ने चीनी वस्तुओं पर अतिरिक्त 34 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की। इस तरह चीन पर टैरिफ 10+34=44 प्रतिशत हो गया।

67 प्रतिशत टैरिफ से कम था

2 अप्रैल के बाद – डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के कुछ समय बाद ही व्हाइट हाउस ने बयान जारी किया कि अमेरिका सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा। बयान में कहा गया कि व्यापार घाटे के कारण सुरक्षा चिंताओं से उत्पन्न राष्ट्रीय आपातकाल के कारण अमेरिका सभी देशों पर बेसलाइन 10 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा,जिसके बाद चीनी वस्तुओं पर टैरिफ बढ़कर 10+34+10=54 प्रतिशत हो गया। हालांकि,अमेरिका का टैरिफ अभी भी चीन के 67 प्रतिशत टैरिफ से कम था। 4 अप्रैल – चीन ने भी 48 घंटे बाद अमेरिकी टैरिफ पर 34 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की क्योंकि उसका कहना था कि अमेरिका के इस कदम से चीनी निर्यात प्रभावित होगा।

चीन की कार्रवाई के बाद ट्रंप ने सभी देशों को चेतावनी दी कि वे जवाबी कार्रवाई न करें,वरना उन्हें और भी अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। 34 प्रतिशत टैरिफ के बाद अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ 100 प्रतिशत से ऊपर चला गया,जबकि अमेरिका उससे आधे पर ही था। अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ 67+34=101 प्रतिशत हो गया,जबकि अमेरिका चीनी वस्तुओं पर केवल 54 प्रतिशत ही वसूल रहा था।

125% टैरिफ लगाएगा

7 अप्रैल और 8 अप्रैल – 4 अप्रैल की घटना के बाद न केवल दोनों के बीच टैरिफ युद्ध छिड़ गया,बल्कि पूरा वैश्विक बाजार हिल गया। कई बड़ी कंपनियों के शेयर गिर गए। इतना कुछ होने के बावजूद ट्रंप और जिनपिंग पीछे नहीं हटे। ट्रंप ने चीन को चेतावनी दी कि या तो वह 24 घंटे के अंदर 34 फीसदी टैरिफ वापस ले ले नहीं तो 9 अप्रैल से 50 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया जाएगा। हालांकि,शी जिनपिंग पीछे नहीं हटे,बल्कि उन्होंने ऐलान किया कि वह अंत तक लड़ेंगे और वह अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने अमेरिका की टैरिफ नीति को ब्लैकमेलिंग भी बताया। इसके बाद ट्रंप ने अपनी धमकी के मुताबिक टैरिफ में 50 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी और चीनी सामान पर टैरिफ 54+50=104 फीसदी हो गया।

9 अप्रैल- चीन ने भी अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया और इस तरह 67 फीसदी पर 84 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया। वहीं,अमेरिका ने 104 फीसदी टैरिफ को बढ़ाकर 125 फीसदी कर दिया। 11 अप्रैल- ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका चीनी सामान पर 145 फीसदी टैरिफ लगाएगा,जिसमें 20 फीसदी फेंटेनाइल निर्यात पर 20 फीसदी टैरिफ भी शामिल है। अब चीन ने अमेरिका के 125% टैरिफ के जवाब में कहा है कि वह भी अमेरिकी वस्तुओं पर 125% टैरिफ लगाएगा।

ये भी पढ़ें: वक्फ कानून को लेकर इस जगह में लोगों ने किया बवाल,क्या फिर से बनेगा दूसरा शाहीन बाग?

Verified Source Google Newswww.timesbull.com✓ Trusted
Zohaib Naseem

I am an experienced anchor,producer,and content writer with a strong background in the media industry. Having worked with national channels,I bring a deep understanding of creating engaging and impactful content. My creative approach and professional expertise have helped me establish a solid reputation in the field of broadcasting and media production.