DA Hike 2026: होली का पर्व नजदीक आते ही केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें एक बार फिर बढ़ गई हैं। हर साल की तरह इस बार भी यह सवाल चर्चा में है कि क्या सरकार महंगाई भत्ते यानी डीए में बढ़ोतरी की घोषणा त्योहार से पहले करेगी या फिर कर्मचारियों को थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। आमतौर पर केंद्र सरकार साल में दो बार, जनवरी और जुलाई से प्रभावी डीए संशोधन को मंजूरी देती है, जिसकी घोषणा अक्सर होली और दिवाली के आसपास की जाती है।
इस साल होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। ऐसे में यह अटकलें तेज हैं कि मार्च के पहले सप्ताह में कैबिनेट बैठक के दौरान डीए वृद्धि को हरी झंडी मिल सकती है। हालांकि आधिकारिक घोषणा की तारीख को लेकर अभी तक कोई साफ इशारा सामने नहीं आया है।
मौजूदा DA दर और संभावित बढ़ोतरी का कैलकुलेशन
इस समय केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। यह दर जुलाई 2025 से लागू हुई थी। अब जनवरी 2026 से प्रभावी होने वाली अगली बढ़ोतरी का इंतजार है।
लेबर ब्यूरो द्वारा जारी दिसंबर 2025 के ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आंकड़े 148.2 पर दर्ज किए गए हैं। इन आंकड़ों के आधार पर जानकारों का अनुमान है कि सरकार इस बार डीए में 2 प्रतिशत की वृद्धि कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो डीए (DA) 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा। हालांकि अंतिम फैसला केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही साफ होगा।
पिछले 5 सालों का ट्रेंड
डीए (DA) बढ़ोतरी की घोषणा को लेकर पिछले सालों का रिकॉर्ड देखें तो एक दिलचस्प पैटर्न सामने आता है। जब होली मार्च के शुरुआती दिनों में पड़ी है, तब अक्सर सरकार ने त्योहार के बाद ही डीए वृद्धि का ऐलान किया है।
उदाहरण के तौर पर साल 2025 में होली 14 मार्च को थी, लेकिन डीए बढ़ोतरी की घोषणा 28 मार्च को की गई थी। वहीं साल 2024 में होली 25 मार्च को थी और उस समय 7 मार्च को ही डीए वृद्धि का ऐलान कर दिया गया था। इससे साफ है कि घोषणा की तारीख हर बार एक जैसी नहीं रही है। इसलिए इस साल भी यह कहना कठिन है कि त्योहार से पहले फैसला सामने आएगा या बाद में।
सैलरी पर कितना पड़ेगा असर
अगर डीए में 2 प्रतिशत की वृद्धि होती है तो इसका सीधा लाभ कर्मचारियों की मासिक आय में दिखाई देगा। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है तो मौजूदा 58 प्रतिशत डीए के अनुसार उसे 29,000 रुपये महंगाई भत्ता मिल रहा है। डीए 60 प्रतिशत होने पर यह राशि 30,000 रुपये हो जाएगी। यानी हर महीने 1,000 रुपये की अतिरिक्त इनकम होगी।
इसी तरह जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 1,00,000 रुपये है, उन्हें हर महीने 2,000 रुपये का फायदा होगा। साल भर में यह रकम एक बड़ी राशि बन जाती है, जिससे घरेलू बजट को मेंटेन रखने में मदद मिलती है।
7वें वेतन आयोग के बाद की अहम बढ़ोतरी
जनवरी से जून 2026 की अवधि का डीए संशोधन इसलिए भी जरूरी माना जा रहा है क्योंकि यह 7वें वेतन आयोग के कार्यकाल समाप्त होने के बाद का पहला प्रमुख संशोधन है। हालांकि 8वें वेतन आयोग ने अपना काम शुरू कर दिया है और उसकी रिपोर्ट मार्च या अप्रैल 2026 तक आने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन नई सिफारिशों को लागू होने में समय लग सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 8वें वेतन आयोग के आधार पर संशोधित वेतन संरचना साल 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत तक ही लागू हो पाएगी। ऐसे में फिलहाल महंगाई भत्ते में होने वाली बढ़ोतरी ही कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत का मुख्य साधन बनी रहेगी।
क्या रहेगी आगे की रणनीति
सरकार के सामने महंगाई दर और वित्तीय संतुलन दोनों को ध्यान में रखते हुए फैसला लेने की चुनौती होती है। डीए बढ़ोतरी महंगाई से राहत देने का एक नियमित तंत्र है, जो कर्मचारियों की क्रय शक्ति को बनाए रखने में मदद करता है। अब सभी की निगाहें आगामी कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं, जहां इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है।









