नूंह हिंसा: उपद्रवियों ने महिला जज की गाड़ी में लगाई आग, तीन साल की बेटी के साथ मजिस्ट्रेट ने यूं बचाई जान

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Timesbull

नई दिल्लीः हरियाणा के नूंह में बृजमंडल यात्रा के दौरान से भड़की हिंसा अभी थमने का नाम नहीं ले रही है। हिंसा में दो समुदाय आमने-सामने हैं, जिसमें करीब सैकड़ों वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया है। हिंसा में अब तक कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इतना ही नही हिंसा नूंह से शुरू होकर अब आसपास के कई इलाकों में फैल गई है। प्रशासन ने भी सख्ती से निपटने के लिए अब तक करीब 50 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज ली गई है।


इस हिंसा में एक महिला जज की गाड़ी को भी आग के हवाले कर दिया। महिला जज ने तीन साल की बच्ची के साथ भागकर किसी तरह जान बचाई। वहीं, पुलिस ने अब तक सैकड़ों से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया है। हिंसा पर काबू पाने और अराजक तत्वों को सबक सिखाने किए पैरामिलिट्री फोर्स की कई कंपनियां तैनात कर दी गई हैं। राज्य पुलिस भी हर पल पर नजर बनाए हुए है।

जज को लेनी पड़ी बस स्टैंड पर शरण

हरियाणा के नूंह की एक महिला एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की गाड़ी पर लोगों ने भीड़ ने हमला कर दिया। देखते ही देखते ही भीड़ इतनी आक्रोशित थी की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। किसी तरह महिला जज गाड़ी से निकलकर तीन साल की बच्ची को लेकर बस स्टैंड की तरफ दौड़ी। यहां आकर किसी तरह महिला जज की जान बची। इस बात का खुलासा एक एफआई से हुआ है।

नूंह शहर थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, एसीजेएम अंजलि जैन की गाड़ी पर सोमवार को हमलावरों ने पथराव और गोलीबारी का आरोप लगाया। उन्होंने एफआईआर में बताया कि उन्हें और उनकी बेटी को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। नूंह के बस स्टैंड की एक वर्कशॉप में शरण लेनी पड़ी, जिन्हें बाद में वकीलों बचाया।

जानिए क्या है पूरा मामला

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे नूंह में हिंदू संगठनों ने पहले की तरह 31 जुलाई को बृजमंडल यात्रा निकालने का ऐलान किया था। इतना ही नहीं प्रशासन से इसकी स्वीकृति भी लिखित में ली गई थी। सोमवार को बृजमंडल यात्रा के दौरान इस पर पथराव हो गया। देखते ही देखते यह दो समुदायों में हिंसा हो गई। सैकड़ों कारों को आग लगा दी गई। इसके अलावा साइबर थाने पर भी हमला कर दिया गया। जमकर फायरिंग हुई, जिसमें कई लोग घायल हुए।

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