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लोगों की मिली बड़ी राहत, सरसों, सोयाबीन और मूंगफली तेल के दाम औंधे मुंह हुए धड़ाम, जानिए ताजा रेट

नई दिल्लीः महंगाई का दौर है साहब, जिसमें हर किसी के बजट का पहिया डगमगाता दिख रही है। अगर आप भी बढ़ती महंगाई से परेशान हैं तो हैरत की बात नहीं, क्योंकि बढ़ती चीजों की दरें आम लोगों से लेकर कारोबारियों तक का दम निकाल रही हैं। महंगाई का आलम सिर्फ पेट्रोल-डीजल और एलपीजी सिलेंडर तक ही सीमित नहीं, अब तो स्थिति ये है खाने योग्य पदार्थ भी लोगों का दम निकाल रहे हैं।

दालें, सब्जियां, और खाने योग्य तेल भी आसमान पर हैं। अब कुछ खाने योग्य तेलों की कीमत में मामूली गिरावट देखने को मिल रही है, जिससे ग्राहकों के चेहरे पर काफी खुशी देखने को मिल रही है। अगर आप सरसों, मूंगफली, सूरज मूखी और सोयाबीन का तेल खरीने की सोच रहे हैं तो फिर यह खबर बहुत ही कीमती साबित होने जा रही है, जिसकी सस्ते में ही खरीदारी करने का सपना साकार कर सकते हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बीते दिनों में कोटा प्रावधान के अनुसार, शुल्क-मुक्त आयात के आर्डर कर दिये गए हैं। अब रेट की बात करें तो सूरजमुखी और सोयाबीन तेल की कीमत कम होकर 100 रुपये प्रति लीटर (प्रसंस्करण के बाद थोक भाव) के आसपास दर्ज किये जा रहे हैं।

वहीं, सूरजमुखी और सोयाबीन तेल की कीमत में बहुत मामूली सा अंतर देखने को मिल रही है। बीते 6 महीने पहले जिस सूरजमुखी तेल की कीमत 200 रुपये प्रति लीटर के आसपास रहा था। बीते दिनों में कीमत कम होकर 100 रुपये प्रति लीटर के आसपास दर्ज किया जा रहा है।

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  • जानिए कितनी खपत की संभावना

सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरसों में लगभग 40-42 प्रतिशत तेल का उत्पादन होता है और सस्ते आयातित तेलों से बाजार पटा रहा तो इस बार इसकी लगभग 125 लाख टन की संभावित पैदावार की खपत ही होना संभव मानी जा रही है।

इतना ही नहीं यह एक यह एक विडंबना है कि जो देश खाद्य तेलों की अपनी जरूरत के लिए 60 फीसदी आयात पर निर्भर रहती है। इसके अलावा देशी तेल-तिलहनों के स्टॉक मार्केट में खपे नहीं दिख रहे हैं। दूसरी तरफ तेल के दाम कम होने पर कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। खल, डीआयल्ड केक (डीओसी) के महंगा होने से पशु आहार महंगे होने की उम्मीद है। इसके साथ ही दूध, दुग्ध उत्पादों के दाम भी बढ़ने की उम्मीद जताई गई गई है।

वहीं, मूंगफली तेल-तिलहनों के दाम में कमी दर्ज की गई है। मूंगफली तिलहन के रेट में 145 रुपये घटकर 6,530-6,590 रुपये प्रति क्विंटल पर दर्ज किया गया। पूर्व सप्ताहांत के बंद कीमत के रेट समीक्षाधीन सप्ताह में मूंगफली तेल गुजरात 280 रुपये घटकर 15,500 रुपये प्रति क्विंटल पर दर्ज किया गया।

रिफाइंड के रेट में 45 रुपये घटकर 2,445-2,710 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ। कच्चे पाम तेल के दाम भी घटे, जो 20 रुपये की गिरावट के साथ 8,330 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। इसके अलावा पामोलीन दिल्ली और पामोलीन कांडला का भाव क्रमश: 100 और 60 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 9,900 रुपये और 8,940 रुपये प्रति क्विंटल पर ट्रेंड करता दिखाई दिया। बिनौला तेल की कीमत भी 350 रुपये की कमीत नजर आयी।

  • यहां जानिए सरसों तेल का ताजा रेट

यूपी के जिला हाथरस में इन दिनों सरसों तेल का रेट का काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है। यहां सरसों का तेल अपने हाइ लेवल रेट से करीब 75 रुपये प्रति लीटर सस्ते में बिकता दिख रहा है, जिसकी खरीदारी का आप लाभ उठा सकते हैं। आप सरसों का तेल आराम से 144 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से खरीदारी का सपना साकार कर सकते हैं। वहीं, बुलंदशहर में 19 जनवरी को सरसों तेल के रेट 143 रुपये प्रति लीटर देखने को मिले थे।

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