Ration Card: राशन वितरण में फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम! सरकार ने उठाया यह कदम
अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच तनाव की स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है. इससे वैश्विक स्तर (International Level) पर कच्चे तेल का व्यापार भी बाधित हो रहा है. व्यापार बाधित होने से दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर की सप्लाई काफी बाधित हो रही है.
Ration Card
Ration Card: अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच तनाव की स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है. इससे वैश्विक स्तर (International Level) पर कच्चे तेल का व्यापार भी बाधित हो रहा है. व्यापार बाधित होने से दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर की सप्लाई काफी बाधित हो रही है.
सार्वजनिक वितरण प्रणाली और घरेलू गैस सिलेंडर वितरण पारदर्शी बनाने के लिए सरकार बड़े-बड़े कदम उठा रही है.सरकार ने राशन कार्ड (Ration Card) और गैस सिलेंडर से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव करने का फैसला किया है. इसके साथ ही अब पुराने कागजी राशन कार्ड (Ration Card) धीरे-धीरे समाप्त कर स्मार्ट कार्ड या क्यूआर कोड आधारित डिजिटल कार्ड जारी करने का काम किया जाएगा.
राशन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक कराना भी जरूरी कर दिया गया है. ऐसा नहीं करने वालों का राशन कार्ड को निरस्त करने का काम किया जा सकता है. उन्हें सरकारी खाद्यान्न का फायदा नहीं मिल सकेगा.
फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम
मध्य प्रदेश सरकार का उद्देश्य फर्जी राशन कार्ड, डुप्लीकेट लाभार्थियों और कालाबाजारी पर रोक लगाना ही मकसद होगा. नए सिस्टम के तहत राशन कार्ड की पूरी जानकारी डिजिटल फॉर्मेट में रहने वाली है. परिवार के सभी सदस्यों के आधार नंबर कार्ड से लिंक करने का काम किया जाएगा. इससे पात्र हितग्राहियों की पहचान आसानी से होने वाली है. राशन कार्ड की जानकारी मोबाइल और ऑनलाइन पोर्टल पर भी उपलब्ध रह सकेगी.
जानिए गैस सिलेंडर वितरण के लिए ई-केवाईसी का नियम
रसोई गैस सिलेंडर वितरण व्यवस्था में कई नए नियम लागू करने का काम किया जा रहा है. गैस सिलेंडर बुकिंग के लिए ई-केवाईसी को जरूरी करने का काम किया गया है. ग्राहकों के आधार और मोबाइल नंबर को लिंक कराना जरूरी होगा. सिलेंडर डिलीवरी के समय उपभोक्ता के मोबाइल पर ओटीपी आएगा, जिसे बताने के बाद ही सिलेंडर दिया जाना है.
इससे गलत व्यक्ति तक सिलेंडर पहुंचने की संभावना कम-कम रहने वाली है. नए गैस सिलेंडरों में सुरक्षा और निगरानी के लिए चिप भी लगाने का काम किया जाएगा. इससे सिलेंडर की ट्रैकिंग और गैस लीकेज की पहचान भी आसान हो सकेगी.
इस काम के लिए रहा अभियान
क्या आपको पता है कि जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर राशन कार्ड और गैस कनेक्शन के लिए ई-केवाईसी अभियान लगातार चलाने का काम किया जा रहा है. फिर हितग्राहियों को नजदीकी राशन दुकान या गैस एजेंसी पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराने की जरूरत पड़ेगी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना ई-केवाईसी के न तो राशन मिलेगा और न ही गैस सिलेंडर का फायदा मिल सकेगा.
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