RBI ने जारी किया SGB प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन कैलेंडर, 33 सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड ट्रांच भुनाने का मौका, जानें पूरी डिटेल

भारतीय रिजर्व बैंक ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के समय से पहले रिडेम्प्शन के लिए नया कैलेंडर जारी किया है। यह शेड्यूल उन बॉन्ड्स पर लागू होगा जिनकी रिडेम्प्शन तिथि 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच निर्धारित है। 22 अक्टूबर 2021 के दिशानिर्देशों के अनुसार निवेशक जारी होने की तारीख से 5 साल पूरे होने के बाद अपने बॉन्ड समय से पहले भुना सकते हैं।

आरबीआई (RBI) द्वारा जारी यह शेड्यूल निवेशकों को पहले से योजना बनाने और तय समयसीमा के भीतर आवेदन करने में मदद करेगा।

5 साल बाद मिलती है समय से पहले भुनाने की सुविधा

22 अक्टूबर 2021 को जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने वाले व्यक्ति जारी होने की तारीख से 5 साल पूरे होने के बाद प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन का ऑप्शन चुन सकते हैं। हालांकि बॉन्ड की कुल अवधि 8 साल की होती है, लेकिन पांचवें वर्ष के बाद ब्याज भुगतान की निर्धारित तिथियों पर समय से पहले निकासी संभव है।

इस प्रावधान का उद्देश्य निवेशकों को कैश में बदलने की सुविधा देना है, ताकि जरूरत पड़ने पर वे अपनी पूंजी को भुना सकें।

छह महीने में 33 ट्रांच होंगी पात्र

आरबीआई के अनुसार, फाइनेंशियल 2018-19 से 2021-22 के बीच जारी कुल 33 ट्रांच इस 6 माह की अवधि में समय से पहले रिडेम्प्शन के लिए योग्य होंगी। इसमें 2018-19 सीरीज II, जो 23 अक्टूबर 2018 को जारी हुई थी, से लेकर 2021-22 सीरीज VI, जो 7 सितंबर 2021 को जारी की गई थी, तक की किस्तें शामिल हैं।

निर्धारित कार्यक्रम के तहत 2018-19 सीरीज II सबसे पहले 23 अप्रैल 2026 को प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के लिए पात्र होगी। इस ट्रांच के लिए आवेदन विंडो 23 मार्च 2026 से 13 अप्रैल 2026 तक खुली रहेगी।

वहीं सूची में अंतिम ट्रांच 2019-20 सीरीज X है, जो 11 सितंबर 2026 को पात्र होगी। इस सीरीज के निवेशक 11 अगस्त 2026 से 1 सितंबर 2026 के बीच आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।

हर ट्रांच के लिए अलग आवेदन अवधि

आरबीआई ने साफ किया है कि हर ट्रांच की आवेदन अवधि अलग-अलग तय की गई है। निवेशकों को अपनी बॉन्ड सीरीज की सटीक रिडेम्प्शन तिथि और आवेदन की अंतिम तिथि का विशेष ध्यान रखना होगा। निर्धारित समयसीमा चूक जाने पर अगली योग्य तारीखका इंतजार करना पड़ सकता है।

कैसे कर सकते हैं आवेदन

निवेशक तय समयसीमा के भीतर अधिकृत बैंकों या अधिकृत कार्यालयों के माध्यम से रिडेम्प्शन का अनुरोध कर सकते हैं। इसके अलावा डिपॉजिटरी संस्थाएं जैसे NSDL और CDSL के जरिये भी आवेदन किया जा सकता है। डिजिटल माध्यम अपनाने वाले निवेशक RBI Retail Direct प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकते हैं। यह प्रोसेस सरल है, लेकिन समयसीमा का पालन करना जरूरी है।

अवकाश की स्थिति में तिथियों में बदलाव संभव

आरबीआई ने यह भी बताया है कि यदि आवेदन अवधि के दौरान कोई अप्रत्याशित सार्वजनिक अवकाश घोषित होता है, तो संबंधित तिथियों में बदलाव किया जा सकता है। ऐसे में निवेशकों को आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखना चाहिए।

निवेशकों के लिए जरूरी सलाह

जो निवेशक अपने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले भुनाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें संबंधित सीरीज, आवेदन विंडो और प्रक्रिया की पूरी जानकारी पहले ही जुटा लेनी चाहिए। सही समय पर आवेदन करने से किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सकता है।

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