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Car Price Hike Alert: छोटी कार खरीदना पड़ेगा महंगा, 10% तक बढ़ सकती हैं कीमतें, जानें वजह

Article Highlights

Key Takeaways
  • Car Price Hike Alert: छोटी कार बनाने वाली कंपनियों के लिए आगे का रास्ता आसान नहीं दिख रहा है। अगर ईंधन बचत और प्रदूषण घटाने
  • CAFE यानी कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी मानक है। आसान शब्दों में कहें तो ये नियम तय करते हैं कि किसी कंपनी द्वारा बेची गई सभी
Car Price Hike Alert

Car Price Hike Alert: छोटी कार बनाने वाली कंपनियों के लिए आगे का रास्ता आसान नहीं दिख रहा है। अगर ईंधन बचत और प्रदूषण घटाने से जुड़े CAFE-3 नियमों का नया ड्राफ्ट लागू हो जाता है, तो छोटी कारों का उत्पादन और बिक्री दोनों प्रभावित हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मानें तो, अलग-अलग मंत्रालय इन नियमों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। पिछले दो साल में यह CAFE-3 का तीसरा ड्राफ्ट बताया जा रहा है।

जानकारों का कहना है कि सख्त नियमों की वजह से कंपनियों की छोटी कारों में दिलचस्पी कम हो सकती है। इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो दोपहिया से पहली कार खरीदने का सपना देख रहे हैं। इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक, CAFE-3 लागू होने के बाद नई कारों की कीमत करीब 10 फीसदी तक बढ़ सकती है। वजह साफ है या तो कंपनियों को ज्यादा माइलेज देने वाली महंगी तकनीक लगानी होगी या फिर तय मानकों को पूरा न करने पर भारी जुर्माना देना पड़ेगा।

PMO तक पहुंचीं सिफारिशें

प्रस्तावित गाइडलाइंस में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और रेंज-एक्सटेंडर हाइब्रिड EV बेचने वाली कंपनियों को ज्यादा फायदा देने का प्रस्ताव है। ऐसे वाहनों की बिक्री पर तीन “सुपर क्रेडिट” मिलेंगे, जबकि पेट्रोल और डीजल गाड़ियों के लिए सिर्फ एक पॉइंट मिलेगा। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी यानी BEE ने इसी तरह की सिफारिशें तैयार कर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेज दी हैं।

CAFE नियम क्या हैं?

CAFE यानी कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी मानक है। आसान शब्दों में कहें तो ये नियम तय करते हैं कि किसी कंपनी द्वारा बेची गई सभी कारों का औसत माइलेज कितना होना चाहिए और वे कितना कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित कर सकती हैं।

नए CAFE-3 ड्राफ्ट में छोटी कार बनाने वाली कंपनियों को मिलने वाली अतिरिक्त छूट खत्म करने का प्रस्ताव है। साथ ही, रेंज-एक्सटेंडेड इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी REEV को भी इलेक्ट्रिक कारों की तरह वॉल्यूम डेरोगेशन फैक्टर (VDF) का स्कोर 3 देने की बात कही गई है। VDF सरकार का एक तरीका है जिससे कम प्रदूषण वाली गाड़ियों जैसे EV और हाइब्रिड की बिक्री को बढ़ावा दिया जाता है।

वहीं अगर यह ड्राफ्ट मौजूदा रूप में लागू होता है, तो ऑटो इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और छोटी कार सेगमेंट पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है।

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Adarsh P

Adarsh ​​Pal is a content writer at Timesbull Media. He specializes in writing news related to industry updates, the automotive sector, banking, telecommunications, the travel sector, and personal finance. Adarsh ​​has previously worked with several digital media channels. He is skilled at presenting news accurately and disseminating information based on facts. Adarsh ​​holds a Master's degree in Journalism from Kanpur University and enjoys reading books and writing poetry.