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HDFC Bank बना रहा मालामाल, 3 साल की एफडी पर मिल रही छप्परफाड़ रकम, जानें

एचडीएफसी बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) पर आकर्षक ब्याज दरें ऑफर कर रहा है. अगर आप एफडी में निवेश की योजना बना रहे हैं तो बैंक से मिलने वाली ब्याज दरें आसानी से चेक कर सकते हैं. इसके साथ ही, अगर लंबी अवधि का निवेश करना चाहते हैं तो 3 साल की एफडी को चुन सकते हैं.

HDFC Bank 3 Year FD Calculation: बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) कर कमाई करना भी एक बढ़िया तरीका माना गया है. नौकरी पेशे वाले लोग बिना झंझट के इस तरीके को अपनाने का काम करते हैं, जहां से तगड़ा ब्याज मिलता है. आपने देश के बड़े बैंकों में शामिल एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) का नाम तो सुना ही होगा.

एचडीएफसी बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) पर आकर्षक ब्याज दरें ऑफर कर रहा है. अगर आप एफडी में निवेश की योजना बना रहे हैं तो बैंक से मिलने वाली ब्याज दरें आसानी से चेक कर सकते हैं. इसके साथ ही, अगर लंबी अवधि का निवेश करना चाहते हैं तो 3 साल की एफडी को चुन सकते हैं. तीन साल की एफडी करने पर कितना ब्याज मिल रहा है, नीचे डिटेल में जान सकते हैं.

3 साल की एफडी पर मिल रहा कितना ब्याज

एचडीएफसी बैंक लोगों को बढ़िया ब्याज दे रहा है. 3 साल की एफडी पर सामान्य नागरिकों और सीनियर सिटिजंस को अलग-अलग ब्याज दरों का फायदा देने का काम कर रहा है. इसमें सामान्य नागरिकों के लिए 3 वर्ष की एफडी पर 6.45 फीसदी की दर से ब्याज ऑफर कर रहा है. सीनियर सिटीजन ग्राहकों को इस अवधि के निवेश पर 6.95 फीसदी तक ब्याज दे रहा है. सीनियर सिटीजंस को सामान्य ग्राहकों के मुकाबले अधिक रिटर्न दे रहा है.

4 लाख के निवेश पर मिलेगा कितना ब्याज

सामान्य नागरिक बैंक में 4 लाख रुपये की एफडी कराते हैं तो उन्हें 3 साल बाद लगभग 84,647 रुपये का ब्याज मिल जाएगा. इस हिसाब से कुल मैच्योरिटी राशि बढ़कर 4,84,647 रुपये तक हो जाएगी. सीनियर सिटीजंस 4 लाख रुपये की एफडी करात है तो 3 वर्ष बाद उसे 91,850 रुपये ब्याज के रूप में आसानी से मिल जाएंगे. फिर कुल मैच्योरिटी राशि 4,91,850 रुपये तक हो जाएगी. सामान्य ग्राहकों के मुकाबले सीनियर सिटिजन्स को ज्यादा कमाई का लाभ ले सकते हैं.

एफडी किन लोगों के लिए बेहतर विकल्प

एफडी ऐसे निवेशकों के लिए बढ़िया मानी जाती है जो बाजार के जोखिम से बचाव चाहते हैं. शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड की तुलना में एफडी में रिटर्न पहले से निर्धारित रहता है. इसलिए निवेशक को मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि का अंदाजा नहीं होता है. यही वजह है कि रिटायरमेंट प्लानिंग और इमरजेंसी फंड के लिए भी कई लोग FD को प्राथमिकता देते हैं.

एफडी के ब्याज पर मिलेगा टैक्स

जानकारी के लिए बता दें कि निवेश करने से पहले ब्याज दर, अवधि और लिक्विडिटी जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना बहुत ही जरूरी माना जाता है. फिर ध्यान रखें कि FD पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री नहीं रहता है. अगर एक वित्तीय वर्ष में FD से मिलने वाला कुल ब्याज निर्धारित सीमा से अधिक हो जाता है. बैंक TDS काट सकता है. सामान्य नागरिकों के लिए यह सीमा 40 हजार रुपये और सीनियर सिटिज़न्स के लिए 50 हजार रुपये तक होती है.

Vipin Kumar
About the Author

vipin kumar

Vipin Kumar is an experienced journalist with 8 years in the media industry, having worked with prominent news platforms including Dainik Jagran and News24. Currently serving at Timesbull.com for almost four years, dedicated to delivering truthful, transparent, and people-centric news that informs and empowers readers. Committed to transparent, ethical, and accurate journalism.

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