Bihar holi special: यहां शिव और विष्णू के साथ गुलाल और फूलों की पंखुड़ियों से होली खेलने की परंपरा है अनूठी, यहां का गीत है विश्व प्रसिद्ध

Sawan Kumar
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Bihar Holi special: बिहार के सोनपुर की होली काफी ही प्रसिद्ध होली है। यहां की होली बाबा हरिहर नाथ के साथ खेली जाती है। हरि अर्थात् विष्णु और हर मतलब महादेव। हरिहर नाथ मंदिर में होली खेलने की अपनी एक अनूठी परंपरा है। यहां होली के कई दिन पहले होली शुरु हो जाती है। होली के दिन यहां सभी ग्रामीण जुटते हैं और गुलाल के साथ फूलों की पंखुड़ियों को बाबा हरिहर नाथ पर चढ़ाते हैं और भगवान से आशीर्वाद लेने के बाद मंदिर प्रांगण में ही जमकर होली खेलते हैं।यह परंपरा यहां प्राचीन काल से चली आ रही है। इस मौके पर होली गाने वालों की टोली यहां पहुंचती है और होली गीत गाकर सभी बाबा की आराधना करते हैं। सोनपुर में बाबा हरिहरनाथ खेले होली समेत कई गीत गाए जाते हैं।

यहां शिव और विष्णू के साथ गुलाल और फूलों की पंखुड़ियों से होली खेलने की परंपरा है अनूठी, यहां का गीत है विश्व प्रसिद्ध
यहां शिव और विष्णू के साथ गुलाल और फूलों की पंखुड़ियों से होली खेलने की परंपरा है अनूठी, यहां का गीत है विश्व प्रसिद्ध

 

सोनपुर का होली गीत है विश्व प्रसिद्ध

बिहारी परंपरा को जानने वाले लोग या रुचि रखने वाले लोगों ने कहीं ना कहीं सोनपुर की पारंपरिक होली का गीत सुना ही होगा कि – बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में खेले होली….। ये गाना गीत काफी ही प्रसिद्ध गीत है। मान्यता है कि बाबा हरिहर नाथ के मंदिर में होली गीत गाने के बाद स्थानीय लोग कहीं और होली गीत गाते हैं। सबसे पहले रंग और गुलाल भी बाबा हरिहरनाथ को ही चढ़ाया जाता है इसके बाद लोग होली खेलते हैं। सोनपुर में ये गीत काफी लंबे समय से गाई जा रही है। यह गाना बिहार ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश में भी प्रचलित है। होली के दिन बिहार के साथ-साथ यूपी के लोग भी बाबा हरिहर नाथ मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं. इसके बाद ही होली मनाई जाती है।

 

ब्रह्मा जी ने की थी हरिहर मंदिर की स्थापना 

 

सोनपुर की हरिहर मंदिर के बारे में बताया जाता है कि ये मंदिर लगभग 14000 वर्ष से भी अधिक पुरानी है। इस मंदिर की स्थापना ब्रह्मा ने की थी। पूरे बिहार व उत्तर प्रदेश में भी ‘बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में रंग खेले, यह गीत प्रसिद्ध है। बाबा हरिहर नाथ मंदिर स्थित गर्भगृह के एक ही शिला में हरी अर्थात विष्णु और हर अर्थात शिव का वास है। यहां पूजा-अर्चना से भक्ति और मुक्ति दोनों मिलती है। सांसारिक सुखों के साथ परलोक भी सुधर जाता है।यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग जमा होकर बाबा हरिहर नाथ के प्रांगण में होली का आनंद लेते हैं।

 

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