Army Bharti: एनसीसी के ‘सी’ सर्टिफिकेट धारकों के लिए अग्निवीर बनना अब आसान हो गया है। सैन्य प्रशासन ‘सी’ सर्टिफिकेट प्राप्त अग्निवीर अभ्यर्थियों को सीधे रैली में बुलाने की तैयारी कर रहा है। इसका मतलब है कि उन्हें अग्निवीर बनने के लिए लिखित परीक्षा नहीं देनी होगी।
लखनऊ में हुई अहम बैठक
अग्निवीर भर्ती के नियमों को सरल बनाकर अधिक युवाओं को आकर्षित करने के लिए लखनऊ में हुई सैन्य अफसरों की बैठक में कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी है। अभी अग्निवीर भर्ती में 10वीं और 12वीं पास अभ्यर्थियों के लिए अंकों के प्रतिशत की अनिवार्यता है। इसे भी खत्म करने पर सहमति बनी है। इसके लिए समय सीमा अभी तय नहीं हुई है।
13 भाषाओं में होगी परीक्षा
एक अभ्यर्थी दो पदों के लिए फॉर्म भर सकेगा। इसके अलावा परीक्षा 13 भाषाओं अंग्रेजी, हिंदी, मलयालम, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, पंजाबी, उड़िया, बंगाली, उर्दू, गुजराती, मराठी, असमिया में होगी। वाराणसी में अग्निवीर भर्ती की पिछली रैली में 627 युवाओं का चयन हुआ था। इस बार करीब 1300 पदों पर भर्ती होगी।
एनसीसी का ए, बी और सी सर्टिफिकेट क्या होता है?
नेशनल कैडेट कोर अपने छात्रों को ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ सर्टिफिकेट जारी करता है। ‘ए’ सर्टिफिकेट जूनियर डिवीजन, ‘बी’ सर्टिफिकेट इंटरमीडिएट और ‘सी’ सर्टिफिकेट डिग्री सेक्शन के लिए होता है। ‘सी’ सर्टिफिकेट 50 फीसदी से ज्यादा अंक पाने पर दिया जाता है। यह सर्टिफिकेट सेना, अर्धसैनिक बल और पुलिस भर्ती में छूट पाने में मददगार होता है।
नए बदलाव लागू होने की संभावना
सेना भर्ती कार्यालय, वाराणसी के निदेशक शैलेश कुमार ने बताया कि रैली में एनसीसी के ‘सी’ डिग्री धारकों को सीधे बुलाने और 10वीं, 12वीं के अभ्यर्थियों के लिए अंकों के प्रतिशत की बाध्यता खत्म करने पर विचार चल रहा है। आगामी परीक्षा में नए बदलाव लागू होने की संभावना है। युवाओं को तकनीकी पदों के लिए ज्यादा आवेदन करना चाहिए। होटल मैनेजमेंट, कुक, शेफ, जनरल ड्यूटी, कुक, लाइनमैन आदि पदों के लिए आवेदन किया जा सकता है।
















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