8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले! बेसिक सैलरी में डीए होगा मर्ज, जानें डिटेल

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को जल्द ही तोहफा मिल सकता है. सरकार कर्मचारियों की बेसिक सैलरी से डीए को मर्ज कर सकती है. ऐसा हुआ तो फिर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में तगड़ी बढ़ोतरी होगी.

8th Pay Commission Update: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स (Central Employee And Pensioners) को जल्द ही बड़ी सौगात मिलने की बुनियाद तैयारी की जा रही है. केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी ही बेसब्री से 8वें वेतन आयोग (8th pay commission) का इंतजार है, जो जल्द ही खत्म हो सकता है. वेतन आयोग सिफारिशों को तैयार करने के लिए केंद्रीय कर्मचारियों (central employee) के अलग-अलग संगठनों के साथ बैठकों का दौर शुरू हो चुका है.

केंद्रीय कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि डीए यानी डीए को बेसिक सैलरी में ही मिलाने का काम किया जाए. ऐसे में सवाल पनप रहा है कि आखिर यह मांग क्यों की जा रही है. आपको इसे विस्तार से समझने की कोशिश करिए, जहां आपका कंफ्यूजन पूरी तरह से खत्म हो जाएगा.

जानिए क्या हैं इसके मायने

केंद्रीय कर्मचारी संगठन डीए को बेसिक सैलरी से मर्ज करने की मांग करते आ रहे हैं. संगठनों के अनुसार, यह इसलिए जरूरी है क्योंकि सैलरी के कई हिस्से बेसिक सैलरी से भी जुड़े रहते हैं. इनमें मकान किराया भत्ता, परिवहन भत्ता, पेंशन और इंक्रीमेंट शामिल रहते हैं. ऐसे में अगर एक बार जब डीए बेसिक सैलरी का हिस्सा बन जाता है तो सैलरी का पूरा स्ट्रक्चर काफी बढ़ोतरी कर जाता है.

इसे आसान शब्दों में कहें तो कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई कई सालों से अधिक बनी हुई है. डीए इतना बढ़ गया कि अब इसे सैलरी का एक हिस्सा नहीं रहना चाहिए. इसके पीछे सामान्य जीवनयापन में बढ़ोतरी भी वजह मानी जा रही है. इसके साथ ही ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन द्वारा 8वें वेतन आयोग को सौंपे ज्ञापन के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक डीए करीब 58 फीसदी तक पहुंच गया था.

इस साथ ही फेडरेशन ने तर्की दिया कि डीए का इतना ऊंचा स्तर खुद यही दिखाता है कि बीते कुछ वर्षों में घर-परिवार के खर्च और महंगाई कितनी बढ़ चुकी है. इसके साथ ही फेडरेशन ने अपने ज्ञापन में बताया कि डीए साफ तौर पर यह दिखा रहा है कि रहन-सहन का खर्च काफी बढ़ गया.

जानिए फैमिली यूनिट से जुड़ी जरूरी मांग

फेडरेशन की मानें तो 7वें वेतन आयोग के अंतर्गत मौजूदा मिनिमम बेसिक सैलरी 18000 रुपये पुरानी मान्यताओं और तीन सदस्यीय फैमिली यूनिट मॉडल पर निर्भर था. फेडरेशन यूनिट स्ट्रक्चर को संशोधित करके 5 इकाइयों में बदलने और उसी के साथ न्यूनतम वेतन की फिर से गणना करने का भी प्रस्ताव दिया है.

वहीं, इसके बनाए एर्मूले के अंतर्गत: 6000 रुपये x 5 फैमिली यूनिट = 30000 रुपये! फिर फेडरेशन ने इस संशोधित राशि में मौजूदा डीए यानी 60 फीसदी को जोड़ने का प्रस्ताव भी दिया गया है. इससे यह आंकड़ा बढ़कर करीब 47400 रुपये हो गया है.

FAQs: People Also Ask

8th Pay Commission Update: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स (Central Employee And Pensioners) को जल्द ही बड़ी सौगात मिलने की बुनियाद तैयारी की जा रही है. केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी ही बेसब्री से 8वें वेतन आयोग (8th pay commission) का इंतजार है,…

केंद्रीय कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि डीए यानी डीए को बेसिक सैलरी में ही मिलाने का काम किया जाए. ऐसे में सवाल पनप रहा है कि आखिर यह मांग क्यों की जा रही है. आपको इसे विस्तार से समझने की कोशिश करिए, जहां आपका कंफ्यूजन…

केंद्रीय कर्मचारी संगठन डीए को बेसिक सैलरी से मर्ज करने की मांग करते आ रहे हैं. संगठनों के अनुसार, यह इसलिए जरूरी है क्योंकि सैलरी के कई हिस्से बेसिक सैलरी से भी जुड़े रहते हैं. इनमें मकान किराया भत्ता, परिवहन भत्ता, पेंशन और इंक्रीमेंट शामिल…

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Vipin Kumar
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Vipin Kumar is an experienced journalist with 8 years in the media industry, having worked with prominent news platforms including Dainik Jagran and News24. Currently serving at Timesbull.com for almost four years, dedicated to delivering truthful, transparent, and people-centric news that informs and empowers readers. Committed to transparent, ethical, and accurate journalism.

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