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जानें क्‍या है न्‍यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर जिससे पीड़‍ित हैं अभिनेता इरफान

देश के जाने-माने अभिनेता इरफान ने शुक्रवार को अपने प्रशंसकों को ये जानकारी देकर चौंका दिया कि उन्‍हें एक दुर्लभ किस्‍म की बीमारी न्‍यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर हो गई है। इसके साथ ही ये जानकारी भी सामने आई कि वो आगे की जांच और इलाज के लिए विदेश जा रहे हैं। स्‍वाभाविक रूप से लोगों में इस बीमारी को लेकर उत्‍सुकता बढ़ गई है कि आखिर ये कौन सी बीमारी है और इसे दुर्लभ की श्रेणी में क्‍यों रखा गया है। हमने इस बीमारी के बारे में देश के जाने-माने कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉक्‍टर दिनेश पेंढारकर से बात की और ये जानने की कोशिश की कि आखिर ये किस तरह का ट्यूमर है और कितना खतरनाक है।क्‍या है न्‍यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर डॉक्‍टर दिनेश पेंढारकर के अनुसार ये शरीर के किसी भी हिस्‍से में होने वाली गांठ की तरह ही है मगर कैंसर के दूसरे गांठों की तरह आमतौर पर इसका विकास बेहद धीमी गति से होता है। कई बार इसके बढ़ने की गति इतनी धीमी होती है कि मरीज को इसका बिलकुल पता नहीं चलता और जब बीमारी बहुत बढ़ जाती है तब इसका पता चलता है।

हालांकि कुछ मामलों में इसे बेहद तेजी से बढ़ते भी देखा गया है। दरअसल न्‍यूरोएंडोक्राइन कोशिकाएं पूरे शरीर में फैली होती हैं और इन्‍हीं कोशिकाओं के बढ़ने के कारण ये गांठ बनती है इसी वजह से ये शरीर के किसी भी हिस्‍से में हो सकता है। दुर्लभ की श्रेणी में क्‍यों रखा गया है दरअसल इससे पीड़‍ित होने वाले तकरीबन हर मरीज की उम्र 50 से अधिक होती है और उसमें भी 90 फीसदी मरीज श्‍वेत वर्ण के होते हैं। भारत में हर वर्ष इससे प्रभावित होने वाले मरीजों की संख्‍या बहुत ही कम होती है।पता कैसे चलता है जैसा कि शुरू में ही बताया गया कि इसके बढ़ने की गति बेहद धीमी होती है इसलिए आमतौर पर जल्‍दी इसका पता नहीं चलता। लेकिन अलग-अलग तरह के इमेजिंग यानी अल्‍ट्रा साउंड, सीटी स्‍कैन आदि के जरिये अगर गांठ का पता चल जाता है तब इसकी पुख्‍ता जानकारी मिल सकती है।ट्यूमर कैंसर वाला होता है या नहीं दरअसल इसमें ट्यूमर कैंसर वाला और बिना कैंसर वाला दोनों ही हो सकता है। किसी मरीज को कैंसर वाली गांठ है

इसका पता ट्यूमर की बायोप्‍सी के जरिये लगाया जाता है। और किसी तरह से यह पता नहीं लगाया जा सकता कि गांठ कैंसर वाली है या बिना कैंसर वाली।क्‍या कोई लक्षण भी होता है ये निर्भर करता है कि गांठ शरीर के किस हिस्‍से में है। मसलन यदि पेट में है तो आपको भारीपन, पेट में दर्द आदि जैसे लक्षण होंगे। इसी प्रकार यदि आंतों में है तो कब्‍ज या दस्‍त के लक्षण हो सकते हैं। यानी इस बीमारी के अपने कोई खास लक्षण नहीं होते हैं।किस वजह से होता है डॉक्‍टर पेंढारकर कहते हैं कि इसके बारे में अबतक कोई वजह सामने नहीं आई है। कोई भी नहीं बता सकता कि न्‍यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर किस वजह से होता है।इलाज की सफलता दर डॉक्‍टर दिनेश पेंढारकर कहते हैं कि एक बार इसका पता चल जाए तो इसका इलाज संभव है और अधिकांश मामलों में मरीज 100 फीसदी ठीक हो जाता है। चूंकि ये गांठ की समस्‍या है तो ऑपरेशन के जरिये गांठ निकाल देने से ये ठीक हो सकता है।

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