नई दिल्ली: मौजूदा समय अमूमन हर कोई डेबिट कार्ड (Debit Card) का इस्तेमाल करता है। डेबिट कार्ड के अपने कई फायदे होते हैं। हालांकि कई ऐसे फायदे भी जिससे लोग अनजान हैं। जैसे डेबिट कार्ड से सिर्फ खरीदारी ही नहीं कर सकते और पैसे ही नहीं निकाल सकते हैं बल्कि इसपर फ्री इंश्योरेंस (Free Insurance) का फायदा भी मिलता है। जानकारी न होने के कारण लोग मुफ्त में मिल रही ऐसी सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।

डेबिट/एटीएम कार्ड पर मिलता है बीमा

बता दें कि बैंक की तरफ से जैसे ही डेबिट कार्ड इशू किया जाता है वैसे ही ग्राहक को दुर्घटना या असमय मौत का इंश्योरेंस मिल जाता है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, पर्सनल एक्सीडेंटल इंश्योरेंस (डेथ) नॉन एयर बीमा डेबिट कार्ड होल्डर को असमय मौत के लिए बीमा देता है।

कार्ड पर निर्भर होती है बीमा की रकम

बीमा कवर की रकम कार्ड पर निर्भर करती है। जैसे  SBI गोल्ड (मास्टरकार्ड/वीजा) कार्ड धारक को 2 लाख रुपये का कवर मिलता है। बैंक ने जानकारी दी है कि यह बीमा तब चालू होता है, जब जब कार्ड का इस्तेमाल दुर्घटना की तारीख से पिछले 90 दिनों के दौरान एक बार किसी भी चैनल ATM, POS, E-COM पर किया गया हो। हालांकि इसकी जानकारी न होने के कारण कुछ लोग ही इस बीमा का लाभ उठा पाते हैं।

बता दें कि अगर कोई व्यक्ति किसी सरकारी या गैर-सरकारी बैंक के एटीएम का इस्तेमाल कम से कम 45 दिनों से कर रहा है, तो वह कार्ड के साथ मिलने वाले इश्योरेंस सुविधा को पाने का अधिकारी हो जाता है। वैसे अलग-अलग बैंकों ने इसके लिए अलग-अलग तारीख तय कर रखी है। बैंक की तरफ से कई तरह के कार्ड जारी किए जाते हैं और  एटीएम कार्ड की कैटेगरी के हिसाब से ही उसपर मिलने वाले इंश्योरेंस की रकम तय होती है।

किस कार्ड पर मिलता है कितना बीमा?

क्लासिक कार्ड है तो 1 लाख रूपये का बीमा, प्लेटिनम कार्ड पर 2 लाख रुपये, सामान्य मास्टर कार्ड पर 50 हजार रुपये प्लेटिनम मास्टर कार्ड पर 5 लाख रुपये और वीजा कार्ड (Visa Card) पर 1.5-2 लाख रुपये तक बीमा कवर मिलता है। वहीं  प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत खुले खातों पर मिलने वाले रुपे कार्ड पर भी 1 से 2 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलता है।

क्लेम कैसे करें?

जैसे कि डेबिट कार्ड होल्डर की दुर्घटना में मौत हो जाती है, तो उसका नॉमिनी संबंधित बैंक में जाकर इंश्योरेंस क्लेम कर सकता है। इसके लिए बैंक में आवेदन करना होगा। नॉमिनी को मृत्यु प्रमाण पत्र, एफआईआर की कॉपी, आश्रित का प्रमाण पत्र, मृतक के प्रमाण पत्र की मूल कॉपी आदि जमा करने पड़ते हैं।


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