नई दिल्ली। हिंदू धर्म शास्त्र में धनतेरस का त्यौहार बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन मां भगवती लक्ष्मी की पूजा करने से घरों में सुख शांति और समृद्धि की बढ़ोतरी होती है। इसके अलावा इस दिन गणेश और कुबेर की भी पूजा की जाती है। हर साल कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का महा पर्व मनाया जाता है। इस साल 23 अक्टूबर यानी रविवार को धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। धनतेरस से धनवंतरी की भी मान्यता जुड़ी हुई है।

प्राचीन हिंदू शास्त्र की मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान माता लक्ष्मी और कुबेर के साथ स्वास्थ्य के देवता धनवंतरी का भी प्रकट हुआ था। इसी कारण धनतेरस मनाया जाता है और विशेष रूप से इन जगहों पर दिया जलाते हैं, जिससे सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। आइए वह कौन से स्थान है जहां पर आपको दीप जलाने चाहिए।

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धनतेरस के दिन इन जगहों पर लगाएं दीप

धनतेरस का पर्व सुख समृद्धि का ही त्योहार माना गया है। इस दिन पूजा घर में दीपक जलाना बहुत शुभ माना गया है और सभी घरों में इस दिन पूजा घर में दिया जलाया जाता है। इससे वास्तु दोष शांत होते हैं और घर में आर्थिक समृद्धि बढ़ती है।

धनतेरस की रात श्मशान घाट पर भी दिया जलाना चाहिए माना जाता है कि मां भगवती लक्ष्मी इससे बहुत प्रसन्न होती है और उनकी कृपा से जीवन में धन की बढ़ होती है।

धनतेरस की रात कुबेर और तुला का पूजन करना चाहिए पूजा के स्थान में जलने वाले अखंड दीपक प्रज्वलित करना चाहिए।

घर की तीजोरी, आलमारी, दुकान ऐसे स्थान पर भी दिया जलाना चाहिए।

धनतेरस की रात कुएं के पाल में सात दिप बनाकर प्रज्वलित करने से कुबेर और विष्णु की कृपा मिलती है ।

पीपल के वृक्ष के नीचे आटे का 11 दीप बनाकर उसमें तेल भरकर दिया जलालें फिर वहीं बैठकर श्री सूक्त, विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने से लक्ष्मी कृपा मिलती है।

तुलसी बरगद पीपल नीम की त्रिवेणी में भी दिया जलाना चाहिए इससे भी मां भगवती लक्ष्मी की कृपा मिलती है।


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