आज के दौर में ब्लॉगिंग के क्या स्कोप हैं भारत में?

आज का समय ब्लॉगिंग के लिए सबसे बेहतर है यदि आप भारतीय भाषा में लिखना चाहते हैं। भारत में अपनी भाषा में इंटरनेट प्रयोग करने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ रही है मगर उसी अनुपात में भारतीय भाषाओं में कंटेंट उपलब्ध नहीं है।

ऐसे में यदि आप अपना ब्लॉग भारतीय भाषा में लिखना चाहते हैं तो पूरी संभावना है कि वह सर्च इंजन में ऊपर दिखेगा और सफल होगा।

सफलता के लिए एक छोटी सी शर्त है कि आप वह लिखें जो लोग सर्च करना चाहते हैं। और ब्लॉग से कमाई की शर्त यह है कि उन विषयों पर लिखें जिन वस्तुओं या सेवाओं को लोग खरीदना चाहते हैं।

स्कोप से आपका क्या तात्पर्य है ?

1 -क्या आप ब्लॉग्गिंग से पैसे कमाना चाहते हैं !

2 -क्या आप ब्लॉग्गिंग से अपने विचारों को रखना चाहते हैं !

3 -क्या आप ब्लॉग्गिंग से लोगों में जानकारी को बढ़ाना चाहते हैं !

ब्लॉग्गिंग का अर्थ है लेखन, और हम सब यह बखूबी जानते हैं की लेखन अमर है; इसका कोई अंत नहीं। मैं आपको यही कहना चाहूंगा की लेखन के क्षेत्र में स्कोप पहले भी था और आगे भी रहेगा। हां इसके स्वरुप में बदलाव जरूर होते रहेंगे परन्तु लेखनी हमेशा जीवित रहेगी। इसी लेखन के आधार पर हमारा ज्ञान टिका है , हमारा मनोरंजन टिका है , हमारा विज्ञानं टिका है , हमारा धर्म टिका है , हमारा इतिहास टिका है और हमारा भविष्य भी टिका है।

आप बेधड़क होकर लिखिए स्कोप जैसी बात लेखक के लिए बेहद छोटी है।

अगर स्कोप महर्षि वाल्मीकि ने सोचा होता तो वे रामायण न लिखते

अगर स्कोप वेदव्यास ने सोचा होता तो वे महाभारत न लिखते

अगर स्कोप कृष्ण ने सोचा होता तो वे गीता ज्ञान न देते

अगर स्कोप कबीर ने सोचा होता तो कबीर वाणी न होती

और न होते मुंशीप्रेमचन्द्र , सेक्सपियर इत्यादि जैसे महान लेखक।

जरूरी बात ये की – अगर आप लेखन के माध्यम से पैसा कमाने की सोच रहे हैं तो इसमें स्कोप ही स्कोप है। अपनी वेबसाइट पर लिखिए , इसपर ऐड लगाइये , स्पॉन्सर्ड लेख लिखिए और धीरे धीरे अपनी पहचान बनाने के बाद किताब लेखन कीजिये फिर मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री में भी आप पैसे बनाने के लायक हो जायेंगे; क्योंकि लेखन के बिना न संगीतकार होगा , न गीतकार और न ही कलाकार। प्रतिदिन घर में आने वाले अखबार , पत्रिकाएं , टीवी प्रोग्राम यह सब कुछ लेख ही तो हैं।

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