Sawan 2026 में सोमवार की तारीखें
इस साल 30 जुलाई से सावन महीने की शुरुआत हो रही है। इस बार सावन इसलिए भी खास है, क्योंकि दो दशकों बाद बेहद शुभ संयोग बन रहा है। सावन सोमवार का विशेष महत्व होता है, और इस बार कुल 4 सोमवार पड़ रहे हैं:
3 अगस्त – पहला सावन सोमवार
10 अगस्त – दूसरा सावन सोमवार
17 अगस्त – तीसरा सावन सोमवार (नाग पंचमी के साथ)
24 अगस्त – चौथा सावन सोमवार
पहला दुर्लभ संयोग: तीसरा सोमवार और नाग पंचमी
17 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी एक साथ हैं। यह संयोग 20 साल बाद (2003 में) बना था, जो इसे अत्यंत दुर्लभ और शुभ बनाता है। नाग देवता शिव जी के प्रिय गण माने जाते हैं। उनकी पूजा से महादेव बेहद प्रसन्न होते हैं।
पूजा विधि
इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, गंगाजल और बेलपत्र अर्पित करें। इसके बाद नाग देवता की पूजा करें, उन्हें दूध के बजाय हल्दी, अक्षत और पुष्प अर्पित करें। मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा से शिव जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
दूसरा संयोग: सिंह संक्रांति का भी बनेगा शुभ योग
17 अगस्त को सूर्य सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे सिंह संक्रांति का शुभ योग बनेगा। सावन सोमवार और नाग पंचमी के साथ सिंह संक्रांति का यह तिहरा संयोग इसे और भी विशेष बनाता है। संक्रांति पर सूर्य की पूजा और सोमवार को चंद्रमा की पूजा का खास संयोग बन रहा है, जो आत्मबल, नेतृत्व क्षमता और प्रतिष्ठा को मजबूत करने वाला माना जाता है।
ज्योतिषीय दृष्टि से क्यों है महत्वपूर्ण?
ज्योतिष में जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष, नाग दोष या राहु-केतु से जुड़े दोष हों, उनके लिए यह दिन विशेष पूजा, रुद्राभिषेक और नाग पूजा के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन सूर्य का सिंह राशि में प्रवेश आध्यात्मिक साधना को बल देता है। इस दिन किए गए जाप, तप और पूजा का फल कई गुना अधिक होता है। यह दिन राहु-केतु के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए भी उत्तम माना जाता है।
नाग पंचमी की तिथि और शुभ मुहूर्त
तिथि:
पंचमी तिथि आरंभ: 16 अगस्त, शाम 4:52 बजे
पंचमी तिथि समाप्त: 17 अगस्त, शाम 5:00 बजे
उदया तिथि के आधार पर नाग पंचमी 17 अगस्त को मनाई जाएगी।
पूजा का शुभ मुहूर्त:
सुबह 5:51 बजे से 8:29 बजे तक
कुल अवधि: लगभग 2 घंटे 37 मिनट
इस दिन क्या करें और क्या न करें?
क्या करें:
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाएं
नाग देवता की विधिवत पूजा करें
ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें
रुद्राभिषेक करें
दान-पुण्य करें
पूजा के दौरान तांबे के पात्र का उपयोग करें
क्या न करें:
पूजा से पहले किसी को अपने मन की बात न बताएं
नाग देवता को दूध न चढ़ाएं (हल्दी, अक्षत और पुष्प चढ़ाएं)
तामसिक भोजन से बचें
किसी की निंदा या गुस्सा न करें
निष्कर्ष
17 अगस्त 2026 का दिन सावन सोमवार, नाग पंचमी और सिंह संक्रांति — तीन शुभ अवसरों का अनोखा संयोग है, जो 20 साल बाद बना है। शिव भक्तों के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी होगा। सही मुहूर्त में विधिपूर्वक पूजा करने से कालसर्प दोष, नाग दोष और राहु-केतु के दोष दूर होते हैं और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें, नाग देवता की पूजा करें, और मंत्र जाप करें। अपने जीवन में सुख, समृद्धि और शांति पाने के लिए इस दुर्लभ अवसर का लाभ उठाएं। इस तरह की अन्य धार्मिक जानकारियों, व्रत त्योहारों और शुभ मुहूर्तों के लिए बने रहें timesbull.com पर।
