
Oil & Electricity Crisis: पश्चिमी एशिया (West Asia) में तनाव का प्रभाव भारत के आम नागरिकों की जेब पर भी सीधे तौर पर पड़ने लगा है. पहले कमर्शियल सिलेंडर में बढ़ोतरी और अब पेट्रोल-डीजल व सीएनजी की महँगी होना इसका उदाहरण है. होर्मुज मार्ग बाधित होने से भारत में तेल संकट गहराने लगा है, जिससे बड़ी दिक्कतें पैदा हो सकती हैं.
दूसरी तरफ भीषण गर्मी के साथ राज्यो में बिजली की मांग भी काफी बढ़ गई है. बिजली का इस्तेमाल बढ़ने से अब बिल भी अधिक आ रहा है, जो आम लोगों के बजट को प्रभावित कर रहा है. अगर बिजली बिल से बचना चाहते हैं तो केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना किसी वरदान की तरह बन सकती है. इस योजना का आप आसानी से फायदा ले सकते हैं.
जानिए कैसे मिल जाएगी बिजली बिल और तेल से राहत
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बहुत ही खास है. इस योजना का मतलब केवल बल्ब जलाकर रोशनी देना व पंखे चलाना ही नहीं है. अगर आप इस योजना को बारीकियों से समझेंगे तो यह आपको पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने में कारगर साबति हो सकती है. बस समय रहते योजना के तहत सोलर पैनल लगाने की जरूरत पड़ेगी.
घर की जरूरत की बिजली धूप से बन जाएगी. ग्रिड पर आपकी निर्भरता खत्म होगी और हर महीने आने वाला बिजली बिल भी शून्य होगा. ऐसे ही आज का दौर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) का है. आप घर की छत पर सोलर पैनल लगाते हैं तो आप अपनी इलेक्ट्रिक कार या इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बिजली से चार्ज कर स कते हैं. आपका इलेक्ट्रिक वाहन बिना पेट्रोल-डीजल के ही रफ्तार भरता नजर आएगा.
मिडिल क्लास के लगाए यह सिस्टम
मिडिल क्लास के लोग 3 किलोवाट वाले सोलर पैनल लगवा सकते हैं. इससे हर महीने करीब 300 से 360 यूनिट बिजली जनरेट करने का काम करता है. वैसे भी यह एक सामान्य परिवार जहां 2-3 पंखे, एक फ्रिज, एक इन्वर्टर, एक वॉशिंग मशीन, पानी की मोटर और एक 1.5 टन का AC चलता हो.
रोजाना चार्ज करते हैं तो यह सिस्टम आपके लिए बहुत बढ़िया है. इस 3 kW के सिस्टम पर सरकार आपको 78,000 रुपये तक की बंपर सब्सिडी मिल जाएगी जो आपके खाते में ट्रांसफर होगी.
कैसे करें आवेदन?
इसके लिए सबसे पहले राष्ट्रीय पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर जाना होगा.
फिर अपना राज्य, बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) और कंज्यूमर नंबर दर्ज करके रजिस्ट्रेशन करना पड़ेगा.
इसके बाद अपने घर के लोड के हिसाब से किलोवाट चुनें और रजिस्टर्ड वेंडर से सोलर पैनल इंस्टॉल करना होगा.
फिर नेट-मीटरिंग इंस्टॉल होने के बाद आपके खाते में सब्सिडी के ₹78,000 क्रेडिट कर दिए जाएंगे.
