Know which was the ball that Neeraj Chopra used to become 'Bahubali'?,

नई दिल्ली। ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता (Olympic gold medalist) नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) सोशल मीडिया पर छाए हुए है। लोग उनके फिटनेस के बारे में सर्च कर रहे है । नीरज चोपड़ा ​न केवल न्यूकमर यानी उभरते हुए एथलीटों के लिए बल्कि उन लोगों के लिए भी प्रेरणा हैं जो दुबला और फिटर बनना चाहते हैं।

जब से 23 वर्षीय एथलीट ने भाला फेंककर टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता है, तब से फिटनेस के प्रति उत्साही उनसे उनके जैसी chiselled बॉडी बाने की प्रेरणा ले रहे हैं। नीरज चोपड़ा का इंस्टाग्राम पेज उनकी प्रतिस्पर्धी फिटनेस दिनचर्या (competitive fitness routine) की एक झलक देता है जो उन्हें वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए ट्रेंड करने में मदद करता है।

सोशल मीडिया पर नीरज का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है जिसमें वे स्विस गेंद पर संतुलन बनाते हुए दिख रहे हैं। इसे देख हर कोई हैरान है कि आखिर उन्होंने इसे इतनी आसानी से कैसे मैनेज किया। य
ही कारण है कि आपको भी इस ओलंपिक स्टार की तरह स्विस गेंद को आजमाने की जरूरत है। यहां हम आपको स्विस बॉल के जरिए एक्सरसाइज करने के तमाम फायदे बता रहे हैं।

​स्विस बॉल क्या है?

स्विस बॉल (Swiss ball), जिसे एक्सरसाइज बॉल, फिजियो बॉल या स्टेबिलिटी बॉल के रूप में भी जाना जाता है। यह एक बड़ी विनाइल बॉल होती है जिनका उपयोग लचीलेपन (flexibility), ताकत (strength), स्थिरता (stability) और संतुलन (balance) को बढ़ाने के लिए किया जा सकता है।

लाइट वेट वाली यह गेंद फिटनेस उपकरण का एक वर्सटाइल पीस है। ये बॉल्स हवा से भरी होती हैं और कई अलग-अलग आकारों में होती हैं। आपको कौन सा चुनना चाहिए? यह आपके फिटनेस लेवल और लक्ष्य पर निर्भर करता है।

​स्विस बॉल एक्सरसाइज करने के कई फायदे होते है। हालांकि जानकार बताते है। ​स्विस बॉल एक्सरसाइज करने के लिए इसके लिए कोच के देखरेख में करना चाहिए। इससे अपने वर्कआउट रूटीन में स्टेबिलिटी बॉल का इस्तेमाल करने से आपको कई तरह से मदद मिल सकती है। आपको वही बॉडीवेट वर्कआउट करना है जो आप रोजाना करते हैं।

आप इस गेंद का उपयोग वार्म अप या त्वरित कूल-डाउन सेशन के दौरान स्ट्रेचिंग व्यायाम (Stretching exercises) करने के लिए कर सकते हैं। बॉल वर्कआउट आपके पूरे शरीर की मांसपेशियों को स्ट्रेच करने और उन्हें लचीला बनाने में मदद कर सकता है जिससे वर्कआउट से संबंधित चोट को रोका जा सकता है। योग हो या बॉडीवेट एक्सरसाइज, स्टेबिलिटी बॉल हर तरह के वर्कआउट के साथ आप इसे मैनेज कर सकते हैं।

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